कविता शायरी 

भारत

हिन्दू-मुस्लिम सब समान हैं, हर जाति-धर्म का मान है। भारत तो एक वरदान है।। युद्ध भूमि में लड़ने को, हाज़िर अपनी ये जान है। भारत तो एक वरदान है।। देख के ताकत भारत की, दुश्मन भी परेशान है। भारत तो एक वरदान है।। संस्कृतियों पर अभिमान है, अनेकता में एकता बलवान है। भारत तो एक वरदान है।। भारतवासी को इस पर शान है, अपना देश महान है। भारत तो एक वरदान है।। Sonam Kharwar

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कविता शायरी 

ज़िन्दगी का सामना

जब अंत है मौत, तो किस्से दरें हम। आ ज़िन्दगी तेरा सामना करें हम।। आंसुओं से लड़, खुशियों को जीते हम। आ ज़िन्दगी तेरा सामना करें हम।। अपनो से हार, तेरा दिल जीतें हम। आ ज़िन्दगी तेरा सामना करें हम।। खुद को सम्भाल, आगे बढ़े हम। आ ज़िन्दगी तेरा सामना करें हम।। लबों की मुस्कान, कहीं जाने ना दे हम। आ ज़िन्दगी तेरा सामना करें हम।। मुश्किल जो आये, बिल्कुल ना डरें हम। आ ज़िन्दगी तेरा सामना करें हम।। ज़ख्मों को अपने, चलो भूल जाएं हम। आ ज़िन्दगी तेरा सामना…

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कविता शायरी 

बचपन

चल लौट चलें उस दुनिया में, कुछ वर्ष पुरानी बगिया में। जब हम छोटे बच्चे थे, दिल के पूरे सच्चे थे। बस हँसना रोना आता था, कभी ना दिल ख़बराता था। संग हमारा तगड़ा था, बस दो पल का ही झगड़ा था। खेल थे इतने की फुरसत ना थी, पैसे की भी ज़रूरत ना थी। ऑफिस ना ड्यूटी जाना था, बस स्कूल से घर को आना था। संसार बड़ा ही छोटा था, माँ के पल्लू में सोता था। चाहत चाँद को पाने की थी, जल्दी से बड़े हो जाने की…

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कविता शायरी 

गरीब

इंसान को इंसान से, बहुत दूर कर जाती है। वो और कुछ नही मित्र, गरीबी कहलाती है। बरसात की बझाड़ में, भीगता शरीर है। महँगाई की मार में, काँपता गरीब है, कभी भूखे पेट ही रहता है, और बीमारियों से लड़ता है। दो रोटी को भी तरसता है, ना जाने कहाँ वो भटकता है। तन मलीन हो जाता है, पर मन पवित्र कहलाता है। यही मानकर वो गरीब, धरती पर सो जाता है। वो कैसा हुनर जानता है, मुश्किल में मुस्काता है। सूखी हड्डी का शरीर लिए, चट्टानों से भी…

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कविता शायरी 

मुझे याद रहोगे तुम

तुम्हे याद हमारी आये ना आये, हम रोज़ ही तुझको सोचेंगे। एक छोटी सी तस्वीर रखी है, तुझे रोज़ सवेरे देखेंगे। इंतेज़ार मेरा तुम्हे हो ना हो, हम बे-सबर हमेशा बैठेंगे। मीलों की दूरी हो तो भी, ख़्वाबों में तुझको बुन लेंगे। तुम्हे दो पल की फुरसत हो न हो, बातें हम अपनी सब कह देंगे। बैठ आसमाँ के नीचे हम, चाँद से बातें कर लेंगे। तुम्हे मिलने की चाहत हो ना हो, हम रोज़ ही तुमसे मिल लेंगे। यादों का पिटारा संग में होगा, जब चाहे तुझे जी लेंगे।…

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कविता शायरी 

गुरु की महिमा

एक ज़िन्दगी एक ही जान, ना जाने क्यों परेशाँ इंसान। माया योनि में फंसा हुआ, भूल गया खुद को इंसान। बुन रहा है खुद ही ये जंजाल, जिसका ना कोई आर और पार। ये पाप-पुण्य का खेल जो चलता, इसी से दानव मानव बनता। संगठन, सहयोग, सफलता, इसी से मानव धर्म है चलता। हे परम पुरुष दाता दयाल, जीवों के रक्षक मेरे कृपाल। प्रगट हुए गुरु रूप धरा, रहमत से मानव को तरा। ज्ञान की ज्योति हृदय जगाई, खुद से मानव की पहचान कराई। Sonam Kharwar

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कविता शायरी 

आहत तो होते हैं हम!

बेशक तुम्हें दिखाते नही हैं पर आहत तो होते हैं हम, जब भी कभी तुम दिखाते हो आँखे, सहम जाते हैं हम, ना जाने कितनी उधेड़ बुन से गुज़र कर, देते हैं आवाज़ तुम्हें, पर तुम्हारा वो तुनक कर बात करना, घबरा जातें है हम। वैसे तो कान कम सुनते है, नज़रें भी हैं धुँधली, पर आते जाते तुम्हारे चेहरे के भाव, बख़ूबी पढ़ लेते हैं हम। माना अब वक़्त बदल गया और बदल गई ज़िंदगी, पर याद तो करो जब छोटे से बच्चे थे तुम, हाथ पकड़ तुम्हारा दुनिया…

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कविता शायरी 

हम याद तो आये होंगे

आँखों में आँसु आये होंगे, फिर भी ये लब मुस्कुराए होंगे। हम याद तो ज़रूर आये होंगे! जिक्र जो हो महफ़िल में हमारा, आप थोड़ा कतराए तो होंगें। हम याद तो ज़रूर आये होंगें! गुज़रे होंगे जब गली से हमारी, ये कदम थोड़े लड़खड़ाए तो होंगें। हम याद तो ज़रूर आये होंगे! जब सोते होगे सुकून की नींद, ख्यालों में हम गुन-गुनाये तो होंगें। हम याद तो ज़रूर आये होंगे! इस खामोशी में तुमने, कुछ अल्फ़ाज़ दबाये तो होंगे। हम याद तो ज़रूर आये होंगे! हमारे दिये हुए गुलाब, किताबों…

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कविता शायरी 

प्यार एक ख्वाहिश

खामोश जुबाँ के लफ़्ज़ों को, मेरी इन आँखों से पढ़ता। काश कोई हमसे प्यार करता! सफर ना मेरा अकेला होता, ज़िन्दगी की राहों में साथ चलता। काश कोई हमसे प्यार करता! मंजिले अलग हो फिर भी वो, हर मोड़ पर मेरा इंतेज़ार करता। काश कोई हमसे प्यार करता! लड़खड़ा जो जाऊँ मैं सफर में, थाम कर मेरा हाथ वो चलता। काश कोई हमसे प्यार करता! लोगों की दुनियादारी में, मेरे दिल की बात समझता। काश कोई हमसे प्यार करता! मतभेद हमारे में ना होता, मेरे भी ख्यालात समझता। काश कोई…

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कविता शायरी 

बारिश

उमड़ रहा है बादल, नीर की नीली गगरी भरके। घन-घोर घटा हर जगह है छाई, बूँदों वाली बारिश आई। रिम-झिम पानी बरस रहा है, अब पानी को ना कोई तरस रहे है। घर-घर में मुस्कान है छाई, बूँदों वाली बारिश आई। बच्चों की कश्ती है चल दी, सुन्दर-सुन्दर नाव बनाई। गलियों में भी रौनक छाई, बूँदों वाली बारिश आई। हल-चल करती बूँदों ने, मेरे दिल की धीमी आवाज़ सुनाई। भीनी-भीनी यादें सुलगयीं, बूँदों वाली बारिश आयी। खुशियों का आगाज़ है लाई, मौसम में बदलाव है लाई। हर ओर ही है…

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