बारिश
उमड़ रहा है बादल, नीर की नीली गगरी भरके। घन-घोर घटा हर जगह है छाई, बूँदों वाली बारिश आई। रिम-झिम पानी बरस रहा है, अब पानी को ना कोई तरस रहे है। घर-घर में मुस्कान है छाई, बूँदों वाली बारिश आई। बच्चों की कश्ती है चल दी, सुन्दर-सुन्दर नाव बनाई। गलियों में भी रौनक छाई, बूँदों वाली बारिश आई। हल-चल करती बूँदों ने, मेरे दिल की धीमी आवाज़ सुनाई। भीनी-भीनी यादें सुलगयीं, बूँदों वाली बारिश आयी। खुशियों का आगाज़ है लाई, मौसम में बदलाव है लाई। हर ओर ही है…
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