कविता शायरी 

बारिश

उमड़ रहा है बादल, नीर की नीली गगरी भरके। घन-घोर घटा हर जगह है छाई, बूँदों वाली बारिश आई। रिम-झिम पानी बरस रहा है, अब पानी को ना कोई तरस रहे है। घर-घर में मुस्कान है छाई, बूँदों वाली बारिश आई। बच्चों की कश्ती है चल दी, सुन्दर-सुन्दर नाव बनाई। गलियों में भी रौनक छाई, बूँदों वाली बारिश आई। हल-चल करती बूँदों ने, मेरे दिल की धीमी आवाज़ सुनाई। भीनी-भीनी यादें सुलगयीं, बूँदों वाली बारिश आयी। खुशियों का आगाज़ है लाई, मौसम में बदलाव है लाई। हर ओर ही है…

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कविता शायरी 

चलो यादें बनाते हैं

उस पुराने दुश्मन से मिल आते हैं, अपने दिल की कड़वाहट मिटाते हैं। एक कप चाय पिलाते हैं, सारे गीले-शिकवे भूल जाते हैं। चलो यादें बनाते हैं। उन बेड़ियों की जकड़न से, कहीं दूर जाते हैं। घर से बाहर निकल, उन रातों में खो जाते हैं। चलो यादें बनाते हैं। किसी से दिल लगाते हैं, और आशिक़ कहलाते हैं। या इन रिलेशनशिप के चक्कर में, नही आते हैं। चलो यादें बनाते हैं। कुछ पल के लिये, इन जिम्मेदारियों को छोड़ जाते हैं। उन बचपन की गलियों में, थोड़ा घूम आते…

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श्रद्धांजलि – नहीं रहे हिन्दी के शीर्ष कवि केदारनाथ सिंह

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हिन्दी के शीर्ष कवि केदारनाथ सिंह का देहांत कल रात एम्स में 9.10 बजे हुआ। वे 83 साल के थे। उनके देहांत के साथ ही भारतीय कविता का एक युग समाप्त हुआ। उत्तर प्रदेश के बलिया में जन्मे केदारनाथ सिंह ने अध्ययन बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से किया। बाद में वे जेएनयू में हिन्दी के प्राध्यापक बन गए। साहित्य साधना के साथ साथ वे जेएनयू में हिन्दी के प्राध्यापक रहे। उनकी स्मृति में उनके प्रसंशकों ने उनके साथ साथ उनकी कविताओं को भी याद किया। गृहमंत्री राजनाथ…

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