कविता शायरी 

प्यार एक ख्वाहिश

खामोश जुबाँ के लफ़्ज़ों को,
मेरी इन आँखों से पढ़ता।
काश कोई हमसे प्यार करता!

सफर ना मेरा अकेला होता,
ज़िन्दगी की राहों में साथ चलता।
काश कोई हमसे प्यार करता!

मंजिले अलग हो फिर भी वो,
हर मोड़ पर मेरा इंतेज़ार करता।
काश कोई हमसे प्यार करता!

लड़खड़ा जो जाऊँ मैं सफर में,
थाम कर मेरा हाथ वो चलता।
काश कोई हमसे प्यार करता!

लोगों की दुनियादारी में,
मेरे दिल की बात समझता।
काश कोई हमसे प्यार करता!

मतभेद हमारे में ना होता,
मेरे भी ख्यालात समझता।
काश कोई हमसे प्यार करता!

लाखों लोगों के बीच में भी,
थाम के मेरा हाथ वो चलता।
काश! कोई हमसे प्यार करता…

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2 Thoughts to “प्यार एक ख्वाहिश”

  1. Jivnesh tyagi

    M hu na sath me ????????????????????????????????

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