समाज को बदलना होगा
अंधाधुंध बढ़ते पाप का, कुछ तो हमको करना होगा। दूसरों की ज़िद से पहले, खुद से हमको लड़ना होगा।। लोग हमारे, देश हमारा, फिर काहे का ये बंटवारा। मिलकर सब हम एक हो जाएं, और लगायें हिन्द्वित्व का नारा।। भेदभाव की सीमा तोड़े, एक संकल्प उठाना होगा। लड़का हो या लड़की, हम सबको उन्हें पढ़ाना होगा।। समाज की है गन्दी बीमारी, भूखे बैठे कुछ भ्रष्टाचारी। इन भूखों को तड़पाना होगा, भ्रष्टाचार भगाना होगा।। घायल करें जो समाज को, उन नीतियों को बदलना होगा। एक नए समाज के निर्माण में, इस…
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