यश ! .....लव यू ! Trending कविता हिन्दी लेख 

यश आई लव यू ! गुज़र चुके है दोस्त के लिए स्वतन

यश आई लव यू  !  दोस्त कह लो या भाई था तो अपना ही यश ! उसकी यादें और मेरी बातें, वो कहता था मुझसे अक्सर   यश आई लव यू  :  मुझसे अक्सर………..   “भाई तू मुझे भूल गया न “   आज जब वह छोड़के चला गया   तो मैं यही कहता हूँ कि – ” हाँ भाई मैं भूल गया तुझको , तो क्या छोड़के चला जायेगा मुझे ? “   और चला गया वो यारों का यार ……छोड़ पीछे अपनी यादें चार !   वो स्कूल…

Read More
News कविता हिन्दी लेख 

आ तो जाऊँ इस जहां में पहले, छू लूँगी उस नीले आसमान को!

नवजात शिशुओं की भ्रूण में हत्याओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 2011 की जनगणना में जहां एक हजार लड़कों पर लड़कियों की संख्या 901 थी, वहीं नीति आयोग की हेल्थ इंडेक्स में लड़कियों की संख्या गिरकर 879 पहुंच गई है। आ तो जाऊँ शिशु की पुुुुकार सुुुुनिए।नवजात शिशुओं की भ्रूण में हत्याओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आखिर क्यों उन मासूमों को घर में ही मार दिया जाता है? क्या कोख में ही उनके गुणों – अवगुणों की पहचान कर ली जाती है? जरूर पढ़ें- जाने आखिर…

Read More
Entertainment News कविता 

इंसान और प्रकृति का समन्वय और ये कविता

इंसान और प्रकृति सृष्टि की रचना ही इंसान और प्रकृति के सहयोग से मिलकर बनी है। पता यह कहा जा सकता है कि इंसान और प्रकृति एक दूसरे के सामान्य के बिना अधूरे हैं। प्रकृति हमें बहुत कुछ देती है। तो इंसान का यह दायित्व बनता है कि वह प्रकृति की दी हुई चीजों का सदुपयोग करें और उन्हें हर तरह से सुरक्षित रखने की कोशिश करें। ऐ इंसान तू क्यों लड़ रहा प्रकृति से, भूल मत तू भी इसी की देन है। वृक्ष पर वृक्ष कटवा कर बंद कर…

Read More
News कविता शायरी 

हिन्दू-मुस्लिम के एहसासात को मत छेड़िए

“हिन्दू-मुस्लिम के एहसासात को मत छेड़िए” ये शब्द हैं अदम गोंडवी जी के. अदम एक ऐसे कवि माने जाते हैं, जिन्होंने आज के भारत का असली और दर्दनाक चेहरा अपनी कविताओं के ज़रिये पेश किया है. अदम की कविताओं में समाज के दबे-कुचले पिछड़े वर्ग की समस्याएँ, उन पर टूटती मुसीबतें और उनके परिणामों का विश्लेषण देखने को मिलता है.  कहा जाता है कि सिनेमा समाज का दर्पण है, मगर अदम की कवितायेँ खुद में एक तरह से समाज का आइना हैं. 22 अक्टूबर, 1947 को गोंडा, उत्तर प्रदेश में जन्मे अदम का…

Read More
भारतीय सेना में महिलायें कविता शायरी हिन्दी लेख 

नारी है तू

क्यों संकोच है, क्या सोचे है तू। नव भारत की, नारी है तू।। क्यों क़ैद है, ज़ंजीर में तू। आज़ाद है भारत, क्या भूल गयी तू।। कहता है कौन, कमज़ोर है तू। ममता का रूप, हर ओर है तू।। हर रूप में है, अपसरा तू। हे अन्नपूर्णा, परिपूर्णं तू।। है शक्ति तू, बलिदान तू। ज्वाला भी तू, वरदान तू।। Sonam Kharwar

Read More
कविता शायरी हिन्दी लेख 

समाज को बदलना होगा

अंधाधुंध बढ़ते पाप का, कुछ तो हमको करना होगा। दूसरों की ज़िद से पहले, खुद से हमको लड़ना होगा।। लोग हमारे, देश हमारा, फिर काहे का ये बंटवारा। मिलकर सब हम एक हो जाएं, और लगायें हिन्द्वित्व का नारा।। भेदभाव की सीमा तोड़े, एक संकल्प उठाना होगा। लड़का हो या लड़की, हम सबको उन्हें पढ़ाना होगा।। समाज की है गन्दी बीमारी, भूखे बैठे कुछ भ्रष्टाचारी। इन भूखों को तड़पाना होगा, भ्रष्टाचार भगाना होगा।। घायल करें जो समाज को, उन नीतियों को बदलना होगा। एक नए समाज के निर्माण में, इस…

Read More
कविता हिन्दी लेख 

गुजरता साल

आंखें खुली तो कुछ उदासी सी थी, किसी के जाने की आहट दरवाज़े पे थी। जो नज़र घुमाई कैलेंडर की तरफ, इकत्तिस दिसंबर तारीख लिखी थी। कंधे पर मोटी पोटली बंधी थी, जाने कितनी यादें बक्से में भरी थीं। यू हीं नहीं बीता है ये साल, खुशी ने गमों से दोस्ती जो की थी। कुछ पलों की यादें तो ऐसी सी थीं, मानो कुछ ही मिनट में पूरी ज़िन्दगी सी थीं, यारों का संग इतना था हसीं, की गमों की याद आयी ही नहीं। कितना कुछ गुज़रा है, इस गुजरते…

Read More
कविता हिन्दी लेख 

भारत का जवान

जान हथेली पर लिये, वीर, पराक्रमी, वरदान है। वो भारत का जवान है।। शाम-सवेरे जाग रहा, और चेहरे पर अभिमान है। वो भारत का जवान है।। युद्ध भूमि पर अड़ा रहा, हाथ में तीर-कमान है। वो भारत का जवान है।। तूफानों की रातों में, अडिग खड़ा! नहीं परेशान है। वो भारत का जवान है।। तिरंगा कभी झुकने ना देगा, उसमें ही उसकी जान है। वो भारत का जवान है।। मृत्यु का भय तनिक नही, शहीदों की यही तो शान है। वो भारत का जवान है।। छलनी हो गया है सीना,…

Read More
कविता शायरी 

दोस्ती

बीत गये वो दिन, गुज़र गये कुछ साल। खोज ख़बर नही उसकी, जाने कैसा होगा मेरा यार।। भूला नहीं हूँ तुझको, बस उलझ गया हूँ यार। बात नहीं अब पहले जैसी, बस निभा रहा हूँ किरदार।। समय गुज़र जाता है, पर कुछ पल हैं जो गुज़रे नहीं। जैसे कल की ही वो बात हो, जब हम दोनों का साथ हो।। ये यादें ही तो हैं जो, मुझमें तुझको ज़िंदा रखें। ये समय बावला क्या जाने, जो पल में इसका उसका हो।। दिल से बंधी ये ऐसी डोर, खींचे मुझे बस…

Read More
कविता शायरी 

मैं, मेरी हिम्मत !

अपनो से दूर, अजनबी शहर में। कुछ है ज़रूर, इस नए सफर में।। सीखा है मैंने, खुद को ही जीना। रुकना नही, चलते है रहना।। खुद का सहारा, खुद ही है बनना। गैरों पर भरोसा, क्यों है करना।। देती वजह हूँ, हँसने की खुद को। रोती हैं आँखें, जब ज़ोर-ज़ोर से।। अँधेरों से डरकर, भागी नहीं मैं। डग-मगाए कदम पर, खड़ी रही मैं।। गिरकर ज़मीन पर, खुद को संभाला। कुछ यूं ही मैं, बन गई उजाला।। लाखों की भीड़ में ना कोई तेरा, साथी मुझे बनाना है मेरा। हिम्मत का…

Read More