कविता शायरी 

बारिश

उमड़ रहा है बादल,
नीर की नीली गगरी भरके।
घन-घोर घटा हर जगह है छाई,
बूँदों वाली बारिश आई।

रिम-झिम पानी बरस रहा है,
अब पानी को ना कोई तरस रहे है।
घर-घर में मुस्कान है छाई,
बूँदों वाली बारिश आई।

बच्चों की कश्ती है चल दी,
सुन्दर-सुन्दर नाव बनाई।
गलियों में भी रौनक छाई,
बूँदों वाली बारिश आई।

हल-चल करती बूँदों ने,
मेरे दिल की धीमी आवाज़ सुनाई।
भीनी-भीनी यादें सुलगयीं,
बूँदों वाली बारिश आयी।

खुशियों का आगाज़ है लाई,
मौसम में बदलाव है लाई।
हर ओर ही है हरियाली छाई,
बूँदों वाली बारिश आयी।

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