Entertainment Opinion 

Some Heart Melting Poetries Jaun Elia Saheb, Which Will Connect You to Your Soul

Poetry is a relation between thoughts and emotion, and when we are talking about Hindi or Urdu poetry, there are few names which always find their place at the top. Jaun Elia Saheb is one of them, his poetries build a connection between heart and soul. He was a Pakistani progressive Marxist, Urdu poet, philosopher, biographer, and scholar. He knows many languages such as Urdu, Arabic, English, Persian, Sanskrit and Hebrew. Jaun Saheb not only known for his heart melting poetries but also known as an editor and translator. His poetries…

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News 

#Amitpareekpoetry : Hindi Balladry that Explains the Real Importance Of Peace in Our Life

So let me ask you one question, Which is the most important thing that you need in your life? Yea, it looks funny and answers may be love, food, relationship, money but the one word that connects this all aspects is ‘Peace’. Whether you are working or owing your own business, you always desire for one thing that is peace. This poetry simply means, you can earn anything but it is hard to earn peace. This poetry is very close to my heart and define the meaning of life and…

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कविता शायरी 

दोस्ती

बीत गये वो दिन, गुज़र गये कुछ साल। खोज ख़बर नही उसकी, जाने कैसा होगा मेरा यार।। भूला नहीं हूँ तुझको, बस उलझ गया हूँ यार। बात नहीं अब पहले जैसी, बस निभा रहा हूँ किरदार।। समय गुज़र जाता है, पर कुछ पल हैं जो गुज़रे नहीं। जैसे कल की ही वो बात हो, जब हम दोनों का साथ हो।। ये यादें ही तो हैं जो, मुझमें तुझको ज़िंदा रखें। ये समय बावला क्या जाने, जो पल में इसका उसका हो।। दिल से बंधी ये ऐसी डोर, खींचे मुझे बस…

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कविता शायरी 

ज़िन्दगी का सामना

जब अंत है मौत, तो किस्से दरें हम। आ ज़िन्दगी तेरा सामना करें हम।। आंसुओं से लड़, खुशियों को जीते हम। आ ज़िन्दगी तेरा सामना करें हम।। अपनो से हार, तेरा दिल जीतें हम। आ ज़िन्दगी तेरा सामना करें हम।। खुद को सम्भाल, आगे बढ़े हम। आ ज़िन्दगी तेरा सामना करें हम।। लबों की मुस्कान, कहीं जाने ना दे हम। आ ज़िन्दगी तेरा सामना करें हम।। मुश्किल जो आये, बिल्कुल ना डरें हम। आ ज़िन्दगी तेरा सामना करें हम।। ज़ख्मों को अपने, चलो भूल जाएं हम। आ ज़िन्दगी तेरा सामना…

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कविता शायरी 

बचपन

चल लौट चलें उस दुनिया में, कुछ वर्ष पुरानी बगिया में। जब हम छोटे बच्चे थे, दिल के पूरे सच्चे थे। बस हँसना रोना आता था, कभी ना दिल ख़बराता था। संग हमारा तगड़ा था, बस दो पल का ही झगड़ा था। खेल थे इतने की फुरसत ना थी, पैसे की भी ज़रूरत ना थी। ऑफिस ना ड्यूटी जाना था, बस स्कूल से घर को आना था। संसार बड़ा ही छोटा था, माँ के पल्लू में सोता था। चाहत चाँद को पाने की थी, जल्दी से बड़े हो जाने की…

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कविता शायरी 

गरीब

इंसान को इंसान से, बहुत दूर कर जाती है। वो और कुछ नही मित्र, गरीबी कहलाती है। बरसात की बझाड़ में, भीगता शरीर है। महँगाई की मार में, काँपता गरीब है, कभी भूखे पेट ही रहता है, और बीमारियों से लड़ता है। दो रोटी को भी तरसता है, ना जाने कहाँ वो भटकता है। तन मलीन हो जाता है, पर मन पवित्र कहलाता है। यही मानकर वो गरीब, धरती पर सो जाता है। वो कैसा हुनर जानता है, मुश्किल में मुस्काता है। सूखी हड्डी का शरीर लिए, चट्टानों से भी…

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कविता शायरी 

मुझे याद रहोगे तुम

तुम्हे याद हमारी आये ना आये, हम रोज़ ही तुझको सोचेंगे। एक छोटी सी तस्वीर रखी है, तुझे रोज़ सवेरे देखेंगे। इंतेज़ार मेरा तुम्हे हो ना हो, हम बे-सबर हमेशा बैठेंगे। मीलों की दूरी हो तो भी, ख़्वाबों में तुझको बुन लेंगे। तुम्हे दो पल की फुरसत हो न हो, बातें हम अपनी सब कह देंगे। बैठ आसमाँ के नीचे हम, चाँद से बातें कर लेंगे। तुम्हे मिलने की चाहत हो ना हो, हम रोज़ ही तुमसे मिल लेंगे। यादों का पिटारा संग में होगा, जब चाहे तुझे जी लेंगे।…

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कविता शायरी 

गुरु की महिमा

एक ज़िन्दगी एक ही जान, ना जाने क्यों परेशाँ इंसान। माया योनि में फंसा हुआ, भूल गया खुद को इंसान। बुन रहा है खुद ही ये जंजाल, जिसका ना कोई आर और पार। ये पाप-पुण्य का खेल जो चलता, इसी से दानव मानव बनता। संगठन, सहयोग, सफलता, इसी से मानव धर्म है चलता। हे परम पुरुष दाता दयाल, जीवों के रक्षक मेरे कृपाल। प्रगट हुए गुरु रूप धरा, रहमत से मानव को तरा। ज्ञान की ज्योति हृदय जगाई, खुद से मानव की पहचान कराई। Sonam Kharwar

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कविता शायरी 

आहत तो होते हैं हम!

बेशक तुम्हें दिखाते नही हैं पर आहत तो होते हैं हम, जब भी कभी तुम दिखाते हो आँखे, सहम जाते हैं हम, ना जाने कितनी उधेड़ बुन से गुज़र कर, देते हैं आवाज़ तुम्हें, पर तुम्हारा वो तुनक कर बात करना, घबरा जातें है हम। वैसे तो कान कम सुनते है, नज़रें भी हैं धुँधली, पर आते जाते तुम्हारे चेहरे के भाव, बख़ूबी पढ़ लेते हैं हम। माना अब वक़्त बदल गया और बदल गई ज़िंदगी, पर याद तो करो जब छोटे से बच्चे थे तुम, हाथ पकड़ तुम्हारा दुनिया…

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कविता शायरी 

हम याद तो आये होंगे

आँखों में आँसु आये होंगे, फिर भी ये लब मुस्कुराए होंगे। हम याद तो ज़रूर आये होंगे! जिक्र जो हो महफ़िल में हमारा, आप थोड़ा कतराए तो होंगें। हम याद तो ज़रूर आये होंगें! गुज़रे होंगे जब गली से हमारी, ये कदम थोड़े लड़खड़ाए तो होंगें। हम याद तो ज़रूर आये होंगे! जब सोते होगे सुकून की नींद, ख्यालों में हम गुन-गुनाये तो होंगें। हम याद तो ज़रूर आये होंगे! इस खामोशी में तुमने, कुछ अल्फ़ाज़ दबाये तो होंगे। हम याद तो ज़रूर आये होंगे! हमारे दिये हुए गुलाब, किताबों…

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