कविता शायरी 

दोस्ती

बीत गये वो दिन, गुज़र गये कुछ साल। खोज ख़बर नही उसकी, जाने कैसा होगा मेरा यार।। भूला नहीं हूँ तुझको, बस उलझ गया हूँ यार। बात नहीं अब पहले जैसी, बस निभा रहा हूँ किरदार।। समय गुज़र जाता है, पर कुछ पल हैं जो गुज़रे नहीं। जैसे कल की ही वो बात हो, जब हम दोनों का साथ हो।। ये यादें ही तो हैं जो, मुझमें तुझको ज़िंदा रखें। ये समय बावला क्या जाने, जो पल में इसका उसका हो।। दिल से बंधी ये ऐसी डोर, खींचे मुझे बस…

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कविता शायरी 

तुम ना होते

तुम ना होते, तो क्या होता। ज़िन्दगी का तज़ुर्बा, कुछ नया होता। मिलने को तुझसे, मन परेशान ना होता। हर वक्त लबों पे, तेरा नाम ना होता। देख कर तुझको, दिल बेईमान ना होता। यारी का तेरी, अभिमान ना होता। खुद से भी ज्यादा, तेरा ख़्याल ना होता। हर कदम पे मेरे, तेरा साथ ना होता। ख़्वाबों में तेरा, इंतेज़ार ना होता। और हमें तुमसे, प्यार ना होता। Sonam Kharwar

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कविता शायरी 

मेरे जज़्बात की कहानी

यूँही नही ये दिल भारी है, आज इश्क़ की बाज़ी हारी है। वो जान के भी अनजानी है, चलो गलती हमने ही मानी है। हर किस्सा तेरा नुरानी है, जज़्बात की मेरी कहानी है। तुम प्यार हो मेरा! दोस्त नही, ये बात देर से जानी है। रंगों की महफ़िल सजी हुई है, आज तो उसकी सगाई है। हार गया ये दिल मेरा अब, देख कर उसकी विदाई है। थाम कर मेरा हाथ वो पगली, बोल गई वो लाइन पुरानी। “मेरी याद तो तुझको आएगी न” अब ये बात भी उसको…

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Featured Article Opinion 

Bond : Relations which can’t be described.

I stood still and watched the amused gathering of friends, I stood and watched them talk in their own not so familiar voices. I stood there and waited for the perfect click, I stood there and watched the merging disconnections, I stood there and watched the site of four turned into a hollow site of ghosts, I stood there and watched the prosperous chirping turned into mournful cries, I stood there till the dusk and waited for the sun hoping for a blissful shadow, I stood there and conferred with…

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