कविता शायरी 

दोस्ती

बीत गये वो दिन, गुज़र गये कुछ साल। खोज ख़बर नही उसकी, जाने कैसा होगा मेरा यार।। भूला नहीं हूँ तुझको, बस उलझ गया हूँ यार। बात नहीं अब पहले जैसी, बस निभा रहा हूँ किरदार।। समय गुज़र जाता है, पर कुछ पल हैं जो गुज़रे नहीं। जैसे कल की ही वो बात हो, जब हम दोनों का साथ हो।। ये यादें ही तो हैं जो, मुझमें तुझको ज़िंदा रखें। ये समय बावला क्या जाने, जो पल में इसका उसका हो।। दिल से बंधी ये ऐसी डोर, खींचे मुझे बस…

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कविता शायरी 

खुद को तू पहचान ले मानव

जा रहा है तू किस दिशा में मानव, उस पथ की तू जाँच तो करले। आगे बढ़ने से पहले मानव, खुद की तू पहचान तो करले। देख रहा है जो तू मानव, अंधकार की सीढ़ी है वो। एक बार खुद में तू झाँक ले, चमत्कार तुझमें ही है वो। जान ले मानव एक सत्य तू, परम शक्ति का है तत्व तू। भटक रहा है यहाँ-वहाँ क्यों, समझ ले पहले स्वंय की गुत्थी तू। चेतन, अर्धचेतन और अचेतन, तीन तरह से बटाँ हुआ मन। अगर तुझे है जो भी पाना, इसी…

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कविता शायरी 

बनना है तो हवा बनो

बनना है तो हवा बनो, बस यहाँ-वहाँ तुम मस्त बहो। इस रंग बदलती दुनिया में, तुम रंगहीन मानव बनो। थाम सके ना कोई तुमको, ऐसी तुम रफ्तार धरो। काँप उठे हर जर्रा दुश्मन का, तेज़ प्रचंड तूफान बनो। पल-पल तपते क्रोधी मानव, शीतल वायु का वेग धरो। सरल-सुगम सब हो जाएगा, व्यर्थ भावना को तो तजो। त्याग के सारी दुनिया-दारी, मंद पवन की सुगन्ध बनो। भीने-भीने इस प्रवाह में मानव, खुद की तुम पहचान करो। Sonam Kharwar

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कविता शायरी 

अत्याचारी मानव

धरती भी एक दिन बोल पड़ेगी, अत्याचारी मानव की पोल खुलेगी। अनन्त काल की गाथा है ये, कब तक सारे दर्द सहेगी।   काँप उठेगा जग ये सारा, जब वो अपने दर्द कहेगी। अश्रुओं की लम्बी धार बहेगी, घायल पृथ्वी इज़हार करेगी।   जाने वो कैसा आलम होगा, जब धरती-मानव की बात छिड़ेगी, गलतियों की लंबी लिस्ट बनेगी, धरती जुर्माना चार्ज करेगी।   बोझ तले एहसानों के दबके, स्वार्थ भावना खंडित होगी। जब युद्ध में परास्त मानव होगा, तभी तो उसकी आँख खुलेगी। Sonam Kharwar

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कविता शायरी 

तेरी-मेरी दोस्ती

छोटा सा एक बच्चा था, मासूम बहुत ही लगता था। माँ का था वो राज-दुलारा, शर्मिला सा बहुत ही प्यारा। एक खेल खुदा ने ऐसा रचाया, गरिमा से कैम्प में तुझे मिलाया। हुस्न ने उसके तुझे हराया, ना जाने कैसा जादू चलाया। हर अदा पे उसकी तू मरता था, पर कहने से तू डरता था। प्यार वो तेरा पहला था, एहसास ही कुछ अलबेला था। प्यार बना तेरा खुंखार, जान की बाजी लगी कई बार। डर गई गरिमा, अब हो क्या? टब गयी बात सरगम के पास। फिर शुरू हुई…

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कविता शायरी 

समय

ऐ समय! तू ही बता, तुझे दोस्त मानूँ या बला। तेरे संग में चलना ही भला, तेरे रंग में रंगना है कला। गुरु मान तुझको पूजता हूँ, समय की परीक्षा जीतता हूँ। जब काम हो ना कोई भला, तब मान लूँ तुझको बला। चल चलें कुछ कर दिखायें, उन लोगों को कुछ तो सिखायें। बेठें हैं जो यूँ ही खाली, क्यों वो अपना समय गवांयें। समय की देख महत्वता को, बाजी कोई खेल जाएं। बजा दे डंका जीत का, और वक़्त से कदम मिलायें। करलें समय को मुठ्ठी में, की…

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कविता शायरी 

माँ

काश तुझे ही जीता होता, छोड़ के सारी दुनिया दारी। अफसोस मुझे न इतना होता, माँ तू तो थी सबसे प्यारी।   देखा होता काश वो बचपन, जब देख मुझे तू मुस्काई थी। भूल गयी थी दर्द तू सारे, जब गोद में तेरी मैं आयी थी।   काश जानती मैं हर वो बातें, जो तुमने मुझसे छुपाईं थीं। मुझे भेजकर स्कूल अकेले, तुम भी तो घबराईं थीं।   बचपन की छोटी दुनिया में, तू तो थी संसार मेरा माँ। बड़ी हुई तो बदल गयी मैं, और बदल गया संसार मेरा…

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Opinion कविता 

Peace.

I don’t want to wake up. Those dark places feels like home, I can fly and put a grip over the exemptions written on my hand. I don’t want to wake up. I love my liberal dreams perching on a reverie, I see the love dancing on toes with his hands over my shoulders. I don’t want to wake up. I don’t want to loose that content environment and confront the world which is a mystery in itself. I don’t want to wake up. I don’t want to face the…

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Featured Article Opinion 

Bond : Relations which can’t be described.

I stood still and watched the amused gathering of friends, I stood and watched them talk in their own not so familiar voices. I stood there and waited for the perfect click, I stood there and watched the merging disconnections, I stood there and watched the site of four turned into a hollow site of ghosts, I stood there and watched the prosperous chirping turned into mournful cries, I stood there till the dusk and waited for the sun hoping for a blissful shadow, I stood there and conferred with…

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