भारतीय जनता पार्टी politics Trending लोकसभा 2019 हिन्दी लेख 

2014 से अब तक भारतीय जनता पार्टी के इन चार मंत्रियों का हुआ है निधन

भारतीय जनता पार्टी 2014 में जब लोकसभा चुनाव जीती तो पूरे देश से उसे बहुमत प्राप्त सरकार बनाने का अवसर प्राप्त हुआ था। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कैबिनेट में एक से बढ़कर एक दिग्गज नेताओं को शामिल भी किया। लेकिन इसे दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि भारतीय जनता पार्टी ने 2014 से लेकर अब तक 4 बड़े नेताओं को खो दिया है। कौन हैं वो चार नाम –  भारतीय जनता पार्टी में अब तक जिन चार नेताओं को खोया है उनमें देश के रक्षा मंत्री रह चुके मनोहर पर्रिकर…

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Opinion हिन्दी लेख 

दो नावों की सवारी, किस पर पड़ती है भारी!!

हमारे देश की राजनीति के कुछ अलग से क़ानून क़ायदे हैं. हमें बचपन से सिखाया जाता है की दो नावों की सवारी करने वाला अक्सर डूब जाता है. पर भारत में बड़े बड़े नेता बड़ी शान से दो नावों की सवारी करते है और पार उतर जाते हैं. डूबता है तो जनता का पैसा और समय भारी पड़ती है हम सब पर. आप अक्सर लोक सभा और विधान सभा चुनावों के समय देखते है कि सभी बड़े बड़े दिग्गज नेता दो सीटों पर चुनाव लड़ते है. कभी तो दोनो सीटों…

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Opinion हिन्दी लेख 

हिंदुस्तान और पाकिस्तान की बराबरी!! कभी नही!

हिंदुस्तान बस हमारा हिंदुस्तान है. इसकी तुलना किसी से नही की जा सकती. पाकिस्तान से तो बिलकुल नही. दुनिया का सबसे बड़ा लोकतन्त्र, तेज़ी से विकास करता हुआ, सारी दुनिया पर अपनी एक अच्छी छवि बनाता हिंदुस्तान. एक परिवार या बड़े कुनबे सा पसरा हुआ, सभी धर्मों को समेटे हमारे हिंदुस्तान को किसी परिचय की कोई आवश्यकता नही है. दूसरी ओर हिंदुस्तान से छिटक कर गिरा ज़मीन का एक टुकड़ा पाकिस्तान जों बस आतंक का पर्यायवाची है. यहाँ आतंक और नफ़रत की फ़सल बोई जाती है, जिसे हम हिंदुस्तानियों के…

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Breaking News News हिन्दी लेख 

जनादेश या जुगाड़ु आदेश!

कर्नाटक का नाटक समाप्त हो गया. सबसे बड़ी पार्टी ने दावा किया कि जनादेश हमारे पक्ष में है और बिना नम्बरों के फुर्ती में सरकार बना ली. दो घोर विरोधी दल जो एक दूसरे का विरोध करते हुए चुनावी मैदान में उतरे थे, चुनावों का परिणाम आते ही एक हो गये. जनादेश को उन्होंने जुगाड़ू आदेश बना लिया. अब इनकी सरकार बनेगी. जनता का फ़ैसला ही कुछ ऐसा था. पर जनता भी क्या करे. कोई दूध का धुला नही है तो वोट बिखर जाते है. बहुत ख़राब और कम ख़राब…

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Breaking News News Opinion हिन्दी लेख 

वाराणसी पुल दुर्घटना – हादसा या हत्या!!

ये जो वाराणसी में १८ लोग मारे गये ये सीमा पर शहीद नही हुए और ना ही ये किसी आतंकवादी की गोली का शिकार हुए है। इनका क़सूर बस इतना था कि ये अपने घरों से निकल कर बनारस की सड़कों पर आ गये थे। ये जो हादसा हुआ, इस प्रकार के हादसे हमारे देश में आए दिन होते हैं। कभी राजधानी दिल्ली में तो कभी हमारे मोदी जी के शहर में और योगी जी के राज में। इन हादसों की किसी की कोई ज़िम्मेदारी नही है। कुछ अफ़सर ससपेंड होते…

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Opinion हिन्दी लेख 

धर्म के नाम पर

धर्म के नाम पर फलता फूलता अधर्म… लोग अक्सर सड़क किनारे किसी पेड़ के नीचे एक पत्थर रख देते है। उस पर लाल या पीला कुछ लगा देते है, बस हो गया। आने जाने वाले लोग पहले तो ज़रा सा सर झुका कर निकल लेते हैं पर धीरे धीरे चढ़ावा, फूल और प्रसाद भी चढ़ने लगता है। समय के साथ उस पेड़ के आसपास की ज़मीन उस तथकथित मंदिर की हो जाती है। ये है हमारे देश में धर्म का स्वरूप! यहाँ धर्म के नाम पर ऐसे अधर्म सभी गाँवों…

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देश माँगे छुट्टी से अवकाश!

सात दिन का सप्ताह और रविवार का अवकाश, बहुत सुखद लगता है। सभी काम करने वाले इस अवकाश का पूरे विश्व में बड़ी बेसब्री से प्रतीक्षा करते है। पर यदि हमारे हिंदुस्तान की बात करे तो यहाँ अवकाश सिर्फ़ रविवार तक सीमित नही है। यहाँ तो हर दूसरे दिन छुट्टी घोषित हो जाती है। कुछ भी हो बस घोषित कर दो अवकाश। आज अगर हम हिसाब लगाएँ तो पता लगेगा की अवकाश छोड़िए कार्य दिवस कितने है हमारे ये सोचें। क़रीब ४८ रविवार नैशनल हॉलिडे, धार्मिक छुट्टियाँ और जब किसी…

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Opinion हिन्दी लेख 

दीक्षा के सहारे मोक्ष की इच्छा!

सूरत से निरंतर समाचार आ रहे हैं। खाते पीते, धनी परिवारों के, पढ़े लिखे युवक और युवतियाँ मोक्ष की इच्छा में दीक्षा ग्रहण कर रहें है। आज जब भौतिकवाद चरम पर है, सभी की हार्दिक अभिलाषा होती है कि उनके पास सारे आधुनिक साधन हो। ऐसे में जब ब्रैंड के कपड़े पहनना शान माना जाता है और स्मार्ट फ़ोन जीवन की लाइफ़ लाइन! ऐसे में धर्म, स्वर्ग, सन्यास और मोक्ष जैसे शब्द आश्चर्य चकित करते है। सहज ही विश्वास नही होता कि आज लोग स्वर्ग या मन की शांति के…

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Entertainment Humor Opinion हिन्दी लेख 

डूबता सितारा – कपिल शर्मा, ढलता सूरज कपिल शर्मा

एक समय ऐसा भी था जब टी.वी. पर एकता कपूर का साम्राज्य था। सजी धजी भारी भरकम साड़ियाँ ,नक़ली गहने लाल गुलाबी चेहरों वाली औरतें। षड्यंत्र रचती, चालें चलती, चक्रव्यूह रचती औरतें। पुरुषों के पास घरवाली भी, बाहर वाली भी। कब कौन किस की नाजायज़ औलाद निकल जाए पता नही होता था। केवल एकता कपूर ही नही सभी चैनलो पर यही हाल था। सारी बागडोर स्त्रियों के हाथ। सारे घर-बाहर की ज्ञाता स्त्रियाँ। दर्शक ऊब गये थे पर कोई विकल्प नही था। ऐसे में तपती धूप में हवा के झोंके…

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Cricket Opinion Sports हिन्दी लेख 

कॉमनवेल्थ vs आइ.पी.एल

कॉमनवेल्थ गेम्ज़ अर्थात राष्ट्र मंडल खेल अभी बस पाँच दिन पहले बड़े ही शानदार तरीक़े से प्रारम्भ हुए है। आग़ाज़ के साथ ही हमारे खिलाड़ी लगातार बेहतरीन, प्रशंसा के योग्य अपना प्रदर्शन दिखा रहें है। हमारे ये होनहार लगातार देश के लिए मेडल जीत रहें है। साधुवाद! शाबाश ! बहुत ख़ूब! मीडिया, न्यूज़ चैनल भी थोड़ी बहुत कवरेज दिखा रहें है। अख़बार के पन्नो पर जगह मिल रही है, खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना भी हो रही है। दूसरी ओर भारत में क्रिकेट का महाकुम्भ चल रहा है। वही आइ.पी.एल। पैसों और क्रिकेट…

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