डूबता सितारा – कपिल शर्मा, ढलता सूरज कपिल शर्मा
एक समय ऐसा भी था जब टी.वी. पर एकता कपूर का साम्राज्य था।
सजी धजी भारी भरकम साड़ियाँ ,नक़ली गहने लाल गुलाबी चेहरों वाली औरतें।
षड्यंत्र रचती, चालें चलती, चक्रव्यूह रचती औरतें।
पुरुषों के पास घरवाली भी, बाहर वाली भी।
कब कौन किस की नाजायज़ औलाद निकल जाए पता नही होता था।
केवल एकता कपूर ही नही सभी चैनलो पर यही हाल था।
सारी बागडोर स्त्रियों के हाथ।
सारे घर-बाहर की ज्ञाता स्त्रियाँ।
दर्शक ऊब गये थे पर कोई विकल्प नही था।
ऐसे में तपती धूप में हवा के झोंके सा, ठंडक सी देता हँसी मज़ाक़ और गुदगुदाने वाला शो आया, कपिल शर्मा का कॉमडी शो!
दर्शकों ने शो को हाथो हाथ लिया। शो की टी.आर.पी. लगातार ऊपर जा रही थी।
लोकप्रियता के साथ साथ कपिल शर्मा का अहंकार भी बढ़ता जा रहा था और साथ ही बढ़ रहा था शो में फूहड़पन और निम्न स्तर के मज़ाक़। पर दर्शकों के पास विकल्प कम ही थे तो वो सब झेल रहे थे।
सफलता कपिल को हज़म नही हुईं और स्टारडम का अहंकार सर चढ़ कर बोलने लगा। कपिल शर्मा स्वयं को “द कपिल” मानने लगे। साथी कलाकारों से अभद्र व्यवहार, गाली गलौज, इनके लिए आम बात हो गई थी। यही वजह थी की शो की जान “गुथी” यानी सुनील ग्रोवर ने इनका साथ छोड़ दिया।
उनके साथ अन्य कई साथी भी साथ छोड़ गये। अब हालत यह हो गई थी कि अच्छा ख़ासा शो बन्द हो गया। किसी तरह जुगाड़ बिठा कर नए नाम के साथ कपिल नया शो ले कर आए पर बदसलूकी के कारण इस शो के केवल तीन एपिसोड ही आए और शो बन्द हो गया।
सच बात है आवश्यकता से अधिक कुछ भी मिल जाए तो हज़म होना मुश्किल होता है। घमंड किसी को नही छोड़ता। कपिल प्रतिभाशाली है उनका ऐसा हश्र नही हो होना चाहिए था पर उनके साम्राज्य का अन्त हो गया।
एक उभरता सितारा समय से पहले अस्त हो गया, एक सूरज जो डूब गया।

