मेरे जज़्बात की कहानी
यूँही नही ये दिल भारी है, आज इश्क़ की बाज़ी हारी है। वो जान के भी अनजानी है, चलो गलती हमने ही मानी है। हर किस्सा तेरा नुरानी है, जज़्बात की मेरी कहानी है। तुम प्यार हो मेरा! दोस्त नही, ये बात देर से जानी है। रंगों की महफ़िल सजी हुई है, आज तो उसकी सगाई है। हार गया ये दिल मेरा अब, देख कर उसकी विदाई है। थाम कर मेरा हाथ वो पगली, बोल गई वो लाइन पुरानी। “मेरी याद तो तुझको आएगी न” अब ये बात भी उसको…
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