जानिए बेगूसराय से लोकसभा प्रत्याशी कन्हैया कुमार के प्रचार में कौन-कौन है शामिल
वर्तमान समय में कन्हैया कुमार विपक्ष की ओर से एक बहुत बड़ा चेहरा हैं। कन्हैया कुमार कुछ युवाओं के लिए देशद्रोही हैं तो वहीं कुछ युवा कन्हैया कुमार को एक ऐसे नेता के रूप में देखते हैं जो देश की मूलभूत समस्याओं पर विचार करता है और उन पर बात करता है। कन्हैया कुमार पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 9 फरवरी 2016 को अफजल गुरु के समर्थन में लगे नारों के कारण देशद्रोह का आरोप भी लगता रहा है। हालांकि कन्हैया कुमार उस घटना के दौरान मौजूद नहीं थे। मगर छात्रसंघ अध्यक्ष होने के कारण कन्हैया कुमार का अप्रत्यक्ष समर्थन उन लोगों को प्राप्त था जिन्होंने देशद्रोही नारे लगाए थे।
उस घटना के बाद से ही कन्हैया देश की विपक्ष की राजनीति का एक ऐसा चेहरा बनकर उभरे जिसने केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की और अब वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से बिहार के बेगूसराय लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। उन्होंने अपने लिए वेबसाइट से लगभग ₹70 लाख के लगभग चुनावी फंड भी इकट्ठा कर लिया है। कन्हैया के चुनावी मैदान में उतरने को लेकर लगभग सभी विपक्षी पार्टियों का समर्थन प्राप्त है। क्योंकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी भी बिहार में महागठबंधन का एक हिस्सा है।
कन्हैया के प्रचार प्रसार में लगभग वही लोग शामिल हैं। जिनकी विचारधारा कन्हैया से मिलती है। इसमें पहला नाम आता है जेएनयू के पूर्व छात्र और कन्हैया के साथ ही देशद्रोह का आरोप झेल रहे रामा नागा का। रामा नागा ने कहा कि वह अपनी अपनी जिंदगी में अलग अलग लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। मगर हमारी विचारधारा एक ही है। जिस कारण मैं कन्हैया का समर्थन कर रहा हूं।
जेएनयू के पूर्व छात्र शहला राशिद भी कन्हैया के लिए बेगूसराय में प्रचार-प्रसार कर रही हैं। शहला राशिद कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट पार्टी से जुड़ कर मुख्यधारा की राजनीति में आ चुकी हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर जो कि जेएनयू की पूर्व छात्रा हैं, वह भी कन्हैया के लिए बेगूसराय में प्रचार-प्रसार कर रही हैं। कई बार उन्हें कन्हैया का प्रचार करने के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा चुका है।
जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद की मां का भी कन्हैया को आशीर्वाद मिल चुका है। इसके अलावा कई कम्युनिस्ट नेता कन्हैया के लिए प्रचार प्रसार में लगे हुए हैं। गुजरात के नेता और कन्हैया के दोस्त जिग्नेश मेवानी भी कन्हैया कुमार के लिए प्रचार कर रहे हैं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



