दुनिया की कोई ताकत कश्मीर मुद्दे का हल निकालने से नहीं रोक सकती : राजनाथ सिंह
जम्मू कश्मीर भारत का एक अभिन्न हिस्सा है। यह बात भारत आजादी के बाद से अब तक कहता चला रहा है। पाकिस्तान के द्वारा जम्मू कश्मीर के मुद्दे को वैश्विक स्तर पर उठाया जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय ताकतें लगातार भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर हस्तक्षेप करने का प्रयास करती रहती हैं। मगर भारत के दो टूक जवाब के बाद इन मुद्दों पर उनकी एक नहीं चलती। पाकिस्तान एक तरफ तो आतंकवाद को पालता है और उसे कश्मीर में भेजता है तो दूसरी तरफ वह कश्मीर का हल निकालने की बात करता है। शनिवार को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू कश्मीर पहुंचे। वहां पर उन्होंने उझ और सांबा में दो पुलों का उद्घाटन किया। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर मुद्दे का हल निकल कर रहेगा दुनिया की कोई ताकत हमें इसका हल निकालने से नहीं रोक सकती है।
विजय दिवस की 20वीं वर्षगांठ पर पहुंचे कश्मीर
राजनाथ सिंह कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए ऑपरेशन विजय की 20वीं वर्षगांठ के दौरान 20 जुलाई को कश्मीर पहुंचे। वहां पर उन्होंने अपने भाषण के दौरान कहा कि कश्मीर मुद्दे का हल जल्दी से जल्दी निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत हमें इसका हल निकालने से नहीं रोक सकती। यदि कोई बातचीत से हल नहीं निकालना चाहता है तो हमें अच्छे से पता है कि हमें किस तरह हालात से निपटना है। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर में जो लोग आंदोलन कर रहे हैं वह कम से कम एक बार बैठें और बताएं कि आखिर समस्या क्या है? ताकि इसको बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सके। कोई दूसरा तरीका अपनाना पड़े।
जम्मू कश्मीर में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कारगिल वॉर मेमोरियल पहुंचे। वहां पर उन्होंने विजिटर्स बुक में अपना नाम दर्ज कराया। उनके साथ केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह और भारत के थल सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत भी मौजूद थे। उन्होंने वहां पर कारगिल के वीर शहीद सपूतों को नमन किया।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
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