दर्शन के लिए रखा गया शीला दीक्षित का पार्थिव शरीर, पहुंचे कई पार्टियों के बड़े नेता
20 जुलाई शनिवार का दिन देश के राजनीतिक क्षेत्र में एक और बड़ी क्षति लेकर आया। जब 1998 से 2013 तक लगातार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित का अचानक निधन हो गया। शीला दीक्षित की उम्र 81 वर्ष की थी। उन्होंने दिल्ली के विकास के लिए 15 वर्षों में लगातार खुद को झोंक दिया था। 2013 में जब अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी बनाई थी। उस समय शीला दीक्षित को दिल्ली में हार का मुंह देखना पड़ा और उन्हें मुख्यमंत्री के पद से हटना पड़ा था। मगर शनिवार को उनकी मृत्यु के साथ ही उनका यह राजनीतिक सफर अब समाप्त हो गया। मृत्यु के बाद शीला दीक्षित का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। जहां पर बीजेपी सहित अन्य पार्टियों के बड़े नेता दर्शन करने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी दी श्रद्धांजलि
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की मृत्यु के बाद शीला दीक्षित का पार्थिव शरीर उनके घर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। ऐसे दुखद मौके पर बीजेपी सहित अन्य पार्टियों के बड़े नेता लगातार इस महान राजनीतिक हस्ती के अंतिम दर्शन के लिए अपनी हाजिरी लगा रहे हैं। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी भी शीला दीक्षित के अंतिम दर्शन के लिए दिल्ली पहुंचे। उन्होंने शीला दीक्षित पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनको प्रणाम किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी शीला दीक्षित के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और उन्होंने उनके बेटे संदीप दीक्षित और उनकी पत्नी को ढांढस बंधाया।
रविवार को कांग्रेस कार्यालय में होंगे अंतिम दर्शन
मृत्यु के बाद आखरी बार शीला दीक्षित को रविवार को कांग्रेस मुख्यालय में दिल्ली में रखा जाएगा। जहां पर लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे उसके बाद कई वर्षों तक लगातार दिल्ली को विकास के पथ पर अग्रसर करने वाली इस महान राजनीतिक हस्ती का दाह संस्कार दोपहर को निगमबोध घाट पर कर दिया जाएगा।

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