तुम ना होते
तुम ना होते, तो क्या होता। ज़िन्दगी का तज़ुर्बा, कुछ नया होता। मिलने को तुझसे, मन परेशान ना होता। हर वक्त लबों पे, तेरा नाम ना होता। देख कर तुझको, दिल बेईमान ना होता। यारी का तेरी, अभिमान ना होता। खुद से भी ज्यादा, तेरा ख़्याल ना होता। हर कदम पे मेरे, तेरा साथ ना होता। ख़्वाबों में तेरा, इंतेज़ार ना होता। और हमें तुमसे, प्यार ना होता। Sonam Kharwar
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