सुप्रीम कोर्ट के आदेश को तोड़ मरोड़ कर पेश करने के कारण फंस गए राहुल गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अब एक नए विवाद में फंसे हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल पिछले कुछ महीनों से राहुल गांधी और भारतीय जनता पार्टी के बीच राफेल विमान सौदे को लेकर खींचतान चली आ रही है। राहुल गांधी और उनकी पार्टी के नेता यह कहते आ रहे हैं कि इस विमान सौदे में कुछ ना कुछ घोटाला हुआ है। वहीं भारतीय जनता पार्टी इस मामले में कोई घोटाला ना होने की बात करती आ रही है। पिछले हफ्ते बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने पुनः इस मामले में संज्ञान लेते हुए राफेल पर दोबारा सुनवाई करने की बात कही थी। मगर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी पर अवमानना की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार तक उनका जवाब मांगा है। जिसकी सुनवाई मंगलवार को की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के अमेठी में लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी के रूप में नामांकन करने के बाद राहुल ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा था कि अब सुप्रीम कोर्ट ने भी यह स्वीकार कर लिया है कि चौकीदार चोर है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के उच्चतम न्यायालय ने अभी स्वीकार कर लिया है कि राफेल सौदे में घोटाला हुआ है। यानी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया है। राहुल ने यह बात एक बार नहीं बल्कि कई बार कही।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद दिल्ली के संसदीय क्षेत्र से सांसद मीनाक्षी लेखी ने राहुल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश को तोड़ मरोड़ कर बताया जाने के लिए याचिका दायर की थी। जिसके बाद मीनाक्षी लेखी की तरफ से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने उनका पक्ष रखा।
राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के अमेठी से लोकसभा प्रत्याशी हैं और उनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी चुनाव लड़ रही हैं। अमेठी के अलावा राहुल गांधी ने केरल के वायनाड से भी लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए वहां से पर्चा दाखिल किया है।
राहुल गांधी द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश को तोड़ मरोड़ कर पेश किए जाने के कारण उनको मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने राफेल विमान सौदा में अभी तक घोटाले की कोई संकेत नहीं दिए हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय से दस्तावेज गायब होने के बाद याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह कहा था कि वह दोबारा राफेल विमान सौदा की सुनवाई करेगा।

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