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ब्रेक-अप से नाराज़ हैं, तो रिवेंज पोर्न है ना

आप बहुत दिनों से एक रिलेशनशिप में थे. पर अब लड़की यानी आपकी गर्लफ्रेंड आपसे बोर हो गयी, आपकी नशे की लत से परेशान हो गयी, या फिर उसे कोई और पसंद आ गया. अब वो आपसे कह रही है, कि वो आपके साथ नहीं रहना चाहती. आप उससे जबरदस्ती रिलेशन में रहने के लिए कहते हैं, फिर उसे अपनी जान दे देने की धमकी भी देते हैं, फ़िर भी वो मना करती है. अब आगे क्या. हाँ अब आपके दिमाग में ख़याल आता है, या आपके अकलमंद दोस्त आपको ये सलाह देते हैं, कि आप उसे धमकी दीजिये कि, उसने जो लम्हें आप पर यकीं कर, आपके साथ गुज़ारे हैं, आप उसे सार्वजनिक कर देंगे. लेकिन फिर वो आपको कानून की धमकी देती है. और आप भी इस बात से पूरी तरह वाकिफ़ हैं, कि कानून किसकी और कितनी जल्दी मदद करता है. तो आप खुद की ज़हरीली सोच या दोस्त के सनकी चढ़ावे की भेंट चढ़ कर, उन पलों को उन अँधेरे रास्तों पर छोड़ देते हैं जिससे गुजरने के बाद उस लड़की को लोग कपड़ों में भी नंगा ही देखते हैं, यानी कि किसी पोर्न वेबसाइट पर अपने निजी पल सार्वजनिक कर देते हैं. इससे आपका बदला पूरा हो जाता है, और साथ ही आपकी कुपोषित रूह को राहत का एहसास होता है.

दरअसल ये पढने में बहुत बुरा और ज़हरीला लग सकता है. पर ये हमारे समाज की एक काली सच्चाई है, जिसे हम चाह कर भी अनदेखा नहीं कर सकते. बस एक छोटा सा बदला लेने के लिए किसी शख्स की पूरी ज़िन्दगी से खेल जाना कहाँ तक लाज़मी है. 

विदेशों में इससे सम्बंधित कई कानून भी बनाये गये हैं. पर हक़ीकत कुछ और ही बयान करती है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘2015 में ब्रिटेन में रिवेंज पोर्न से सम्बंधित एक कानून पारित हुआ, जिसके तहत कोई भी पोर्न वेबसाइट इस तरह के विडियो क्लिप्स नहीं रख सकती.’

असलियत में पोर्न वेबसाइट्स पर इस तरह के वीडियोस का पूरा अलग फोल्डर देखने को मिलता है. आपने भी कई दफे ‘लीक्ड वीडियोस’ या ‘वायरल पोर्न’ जैसे फ़ोल्डर्स पर गौर किया होगा. जबकि पोर्न वेबसाइट्स ऐसे किसी भी केटेगरी के पोर्न को अपनी साईट पर ना अपलोड करने का दावा करती है, और साथ ही उनका कहना है, कि वो अपना सारा कंटेंट छांट कर ही वेबसाइट पर अपलोड करते हैं.

अगर देखा जाए तो इस तरह का जुर्म करने वाले लोग एक बार भी ये नहीं सोचते कि, उस लड़की की ज़िन्दगी में कितनी परेशानियाँ आ सकती हैं. और सोचेंगे भी क्यों, क्योंकि उस लड़की ने उसके ‘मेल ईगो’ को चोट जो पंहुचा दी है.

तो क्या हमें ये मान लेना चाहिए कि जिस समाज में हम रह रहे हैं, उसमें एक लड़के का मेल-ईगो किसी लड़की की ज़िन्दगी से ज्यादा तवज्जो रखता है? 

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