उत्तर प्रदेश और बिहार से क्या तल्ख़ होंगे गुजरात से सम्बन्ध?
गुजरात में होने वाले दंगे का असर खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं । इसका असर धीरे धीरे बढ़ता चला जा रहा है । जिसकी वजह से गुजरात में रहने वाले उत्तर भारतीय , गैर गुजराती गुजरात से पलायन करने को मजबूर हो गए है । पलायन करने वाले गैर गुजराती उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों का कहना है कि अब उनका मतदान किसी भी गुजराती को नहीं जाएगा ।मामले की गंभीरता को देखते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री रूपाणी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात की ।
उन्होंने योगी को सुरक्षा का आश्वासन देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग गुजरात में सुरक्षित है । पिछले 3 दिनों के हमलों में किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है और उत्तर भारतीयों पर होने वाले हमलों को लेकर गुजरात की पुलिस पूरी तरह से सक्रिय है ।
इसी बीच गुजरात के मुख्य सचिव जेएन सिंह ने कहा है की किसी भी तरह के अप्रिय घटना अगर होती है और तो इसका जिम्मेदार जिला के कलेक्टर , एसपी और डीएसपी को माना जाएगा । इसके साथ-साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अनेक प्रकार के उद्योग और धंधे से जुड़े हुए मालिकों, काम करने वाले लोगों के बीच जाकर उन्हें भरोसा दिलाया है कि उन्हें कुछ नहीं होगा । वे गुजरात में सुरक्षित है और उन पर भरोसा करें ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य ने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री ने उन्हें स्पष्ट तौर पर कहा है कि पिछले 3 दिनों में ऐसी कोई भी घटना घटित नहीं हुई है । जिससे कि उत्तर भारतीयों को नुकसान पहुंचे । उन्होंने कहा है कि लोग गुजरात के विकास से ईर्ष्या की भावना रखते हैं और इसी वजह से वह अफवाहें फैला रहे हैं । गुजरात के दंगों को खत्म करने के लिए गुजरात की सरकार प्रभावी कदम उठा रही है ।
इसके साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मुख्यमंत्री रूपाणी से फोन पर बात की । उन्होंने उत्तर भारतीयों पर होने वाले हमले और पलायन करने के संबंध को काफी गंभीरता से लेते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री से बात की । नीतीश कुमार ने बताया कि हम उनके संपर्क में है और वहां के पल भर के हालात पर नजर बनाए हुए है। जिन्होंने इस दंगे को फैलाने की कोशिश की है । उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलना चाहिए और किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए ।

