27 फरवरी को क्रैश हुए mi-17 चॉपर के लिए जिम्मेदार हैं वायु सेना अधिकारी ??
14 फरवरी को भारत की सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स पर पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था। जिसके बाद उसमें सीआरपीएफ के 40 से ज्यादा जवानों की मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। 14 फरवरी के 10 दिन बाद ही भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट एयर स्ट्राइक की थी। 24 फरवरी को हुई इसके बाद 27 फरवरी को भारत का एक mi-17 चॉपर क्रैश हो गया था। जिस पर यह जानकारी निकल कर सामने आई थी कि इसे भारत के ही डिफेंस सिस्टम द्वारा हिट कर दिया गया था। इसमें 6 वायु सैनिकों की जान चली गई थी। जिसको लेकर जांच की मांग की गई थी। अब कोर्ट ऑफ इंक्वायरी पूरी हो चुकी है। ऐसे में यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि अधिकारियों द्वारा पैदा किए गए भ्रम के कारण यह पूरा हादसा हुआ।
क्या वायु सेना अधिकारी द्वारा पैदा किया गया था भ्रम?
दरअसल भारत द्वारा पाकिस्तान के ऊपर की गई बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी विमान भारत की सीमा में घुसने लगे थे। जिसको लेकर भारत का mi-17 चॉपर उन्हें खदेड़ने में लगा हुआ था। ऐसे में एटीसी टावर में मौजूद अधिकारियों में से एक ने पहले चॉपर को श्रीनगर एयर बेस पर लौटने को कहा मगर जब एयर डिफेंस अधिकारियों द्वारा यह पूछा गया कि एयरबेस पर कोई एयरक्राफ्ट लैंड हो रहा है तो उन्होंने जवाब में कहा कि कोई भी एयरक्राफ्ट एयरबेस की तरफ नहीं आ रहा है। जिससे यह बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में 6 एय़रमैन की जान चली गई थी। यह भी दावा किया जा रहा था कि इसे अपने ही डिफेंस सिस्टम स्पाइडर द्वारा गलती से हिट कर दिया गया है। मगर अब इसकी कोर्ट ऑफ इंक्वायरी पूरी की जा चुकी है।
कोर्ट ऑफ इंक्वायरी पूरी होने के बाद अब इस घटना में शामिल वायुसेना अधिकारियों में से एक को कोर्ट मार्शल की सजा दी जा सकती है। इस तरह की घटनाओं को बहुत ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि यह हमारे देश की रक्षा में तैनात एयरमैन की जिंदगी से जुड़ा सवाल होता है।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



