विश्व कप के दौरान पानी पिलाता रह गया पाकिस्तान का यह खतरनाक तेज गेंदबाज
5 जुलाई को बांग्लादेश से हारने के बाद पाकिस्तान का सफर विश्व कप में आप समाप्त हो चुका है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पाकिस्तान को बांग्लादेश को कम से कम 300 रनों से हराना था। मगर पाकिस्तानी टीम ने कुल 315 रन बनाए थे। ऐसे में उसे बांग्लादेश को 7 रनों के अंदर ऑल आउट करना था जो कि पाकिस्तान नहीं कर पाई। विश्व कप का सफर समाप्त होने के बाद अब सवाल उठने लगा है कि पाकिस्तान ने अपने खतरनाक तेज गेंदबाज मोहम्मद हसनैन को मौका क्यों नहीं दिया? पाकिस्तान का यह गेंदबाज विश्व कप के दौरान केवल खिलाड़ियों के लिए पानी और तौलिए ही ले जाता रहा। मोहम्मद हसनैन के तेज गेंदबाजी की कायल पूरा पाकिस्तान है।
कौन है मोहम्मद हसनैन?

पाकिस्तान का खतरनाक तेज गेंदबाज मोहम्मद हसनैन पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित हैदराबाद शहर के रहने वाले हैं। 2015 में पाकिस्तान की अंडर 15 टीम में मोहम्मद हसनैन को को मौका दिया गया। वहां पर उनकी तेज गेंदबाजी देखकर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वा काफी प्रभावित हुए। उसके बाद मोहम्मद हसनैन ने पीएसएल में अपनी तेज गेंदबाजी से सबको कायल बना लिया। उन्होंने पीएसएल में 150 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से भी ज्यादा तेज से गेंदें डाली। पीएसएल में अपनी टीम की तरफ से फाइनल में 3 विकेट लेकर उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाई और मैन ऑफ द मैच बने। पहली बार ऐसा हुआ था कि पीएसएल के फाइनल में कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी मैन ऑफ द मैच का खिताब जीत पाया था। इसके पहले विदेशी खिलाड़ी पुरस्कार जीत रहे थे।
मिकी ऑर्थर भी हुए प्रभावित
पाकिस्तानी क्रिकेटर हमेशा ही तेज गेंदबाजों को मौका देता रहा है और पाकिस्तान से हमेशा ही तेज गेंदबाज निकल कर सामने आते रहे हैं। इस 18 साल की गेंदबाज की प्रतिभा देखकर पाकिस्तान के कोच मिकी आर्थर ने उसे विश्वकप के लिए टीम में सेलेक्ट करवाया। मगर पूरे विश्व कप के दौरान या खिलाड़ी केवल खिलाड़ियों को चोली और पानी की बोतलें ही ले जाता दिखाई दिया। एक भी मैच में पाकिस्तानी टीम ने इस खिलाड़ी को मौका नहीं दिया। पाकिस्तानी टीम मोहम्मद हसनैन को मौका देती तो शायद पाकिस्तानी टीम आज सेमीफाइनल में होती।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



