21 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के कारण थमा चुनाव प्रचार
21 अक्टूबर को महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सभी पार्टियों ने अपनी अपनी कमर कस ली है। सभी पार्टियां अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे चुकी हैं। विधानसभा चुनाव के कारण आखिरी दौर का चुनाव प्रचार 19 अक्टूबर को समाप्त हो गया। अब आने वाले 2 दिनों तक कोई भी चुनाव प्रचार नहीं किया जाएगा। यदि इस तरह की कोई भी कार्यवाही किसी भी पार्टी के द्वारा की जाती है तो चुनाव आयोग उन पर उचित कार्यवाही करेगा।
महाराष्ट्र में वर्तमान समय में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के गठबंधन की सरकार है। इस बार भी दोनों ने चुनाव में गठबंधन बनाकर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। बीजेपी और शिवसेना के अलावा महाराष्ट्र के चुनावी मैदान में इस बार कांग्रेस ,ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अलावा अन्य पार्टियों ने अपने हाथ आजमाए हैं।
विधानसभा चुनाव के कारण 19 अक्टूबर की शाम को थमा चुनाव प्रचार
21 अक्टूबर को केवल महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के लिए ही वोटिंग नहीं होनी है बल्कि हरियाणा के विधानसभा चुनाव की 90 सीटों के लिए भी वोट डाले जाएंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर उपचुनाव और हरियाणा की 2 सीटों पर उपचुनाव होंगे। महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं। इन सभी जगहों पर 21 अक्टूबर के दिन मतदान होंगे। इसी कारण 19 अक्टूबर की शाम 6:00 बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो गया।
भाजपा नेताओं के समर्थन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के अलावा अन्य नेताओं ने कई रैलियां कीं। वही कांग्रेस के समर्थन में अजय सिंह लल्लू तो समाजवादी पार्टी के समर्थन में नरेश उत्तम ने रैलियां कर अपने प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे।
हरियाणा में भी होंगे चुनाव
21 अक्टूबर को सुबह 7:00 बजे से लेकर शाम को 6:00 बजे तक हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होंगे। हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने बताया कि मतदान होने से 48 घंटे पहले लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126 के तहत कोई चुनाव प्रचार नहीं होगा।
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