अफगान-अमेरिका-भारत के बीच नए समीकरण की तैयारी
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की अमेरिका यात्रा से पहले भारत और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच रणनीतिक बैठक आयोजित होती है? या फिर जब अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन भारत की अहम यात्रा पर आ रहे हैं तभी अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अब्दुल गनी भी द्विपक्षीय दौरे पर भारत आएंगे? विदेश मामलों के जानकारों का कहना है कि जिस तरह से अफगानिस्तान को लेकर भारत और अमेरिका के बीच नए समीकरण बन रहे हैं उसे देखते हुए इस तरह की बैठक या दौरे इत्तेफाक से ज्यादा है।
विदेश सचिव टिलरसन 24 अक्टूबर, 2017 को भारत के दौरे पर आएंगे और उनका आधिकारिक कार्यक्रम 25 अक्टूबर को है। जबकि राष्ट्रपति गनी 24 को नई दिल्ली पहुंच रहे हैं जहां उनकी मुलाकात पीएम नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के अलावा दूसरे अधिकारियों से भी होगी।राष्ट्रपति गनी की मुलाकात एनएसए अजीत डोभाल की अफगानिस्तान यात्रा के ठीक एक हफ्ते बाद हो रही है। उल्लेखनीय तथ्य यह है कि राष्ट्रपति गनी ने भारत आने की घोषणा ठीक उसी दिन की है जिस दिन पाकिस्तान के रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने कहा है कि अफगान में भारत की कोई भूमिका उनके देश को स्वीकार्य नहीं है। अमेरिका की तरफ से भी लगातार पाकिस्तान को यह संकेत दिया जा रहा है कि उसकी अफगानिस्तान नीति में अब भारत की भूमिका बेहद अहम है।

