वाशिंगटन पोस्ट बग़दादी हेडलाइन विवाद डीकोडेड : आखिर जेहादी आतंकवादी का महिमामंडन कर पलटी क्यों ?
वाशिंगटन पोस्ट बग़दादी हेडलाइन विवाद : अमेरिकी अख़बार वाशिंगटन पोस्ट कभी निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता का पूरक था लेकिन आज वह स्तरहीन पत्ररकारिता के पतन का सूचक बन कर कर रह गया गया है। अबू बक्र अल बग़दादी एक आतंकवादी था इसमें कोई भी शक की गुंजाईश नहीं है किन्तु वाशिंगटन पोस्ट के जेहादी प्रेम की उन्मुक्ता की परिकाष्ठा ही हो गई है।
मामला यह है कि वाशिंगटन ने अल बग़दादी की मौत पर प्रकाशित अपनी खबर में मन की छुपी हुई बात रखते हुए उसे “इस्लामिक मज़हबी स्कॉलर” करार दे दिया था। सोशल मीडिया पर सजग जनता ने अख़बार के दोगलेपन वाले ज़हरीले चेहरे को जमकर लताड़ लगाई तब जाकर अख़बार को कुछ अक्ल आई।
The man ran a slave state, committed genocide and ethnic cleansing, used rape and enslavement of women as a policy of state, butchered homosexuals, murdered children for listening to music.
“Austere religious scholar.”@washingtonpost: this is sick. pic.twitter.com/GGMiSsykvr
— Marcus Walker (@WalkerMarcus) October 27, 2019
इस तरह हुई अबू बक्र अल-बगदादी की मौत अमेरिका द्वारा
वाशिंगटन पोस्ट बग़दादी हेडलाइन विवाद : वाशिंगटन पोस्ट अखबार ने किया पत्रकारिता के नाम पर पाप !

वाशिंगटन पोस्ट अखबार ने उसे “चरमपंथी नेता” कहने के लिए अपनी हेडलाइन में संशोधन किया। अख़बार के कम्युनिकेशन्स डिवीजन के उपाध्यक्ष क्रिस्टीन कोराटी केली ने कहा कि शीर्षक को “कभी भी उस तरह से नहीं पढ़ना चाहिए था और हमने इसे जल्दी से बदल दिया।”
अमेरिकी विशेष बलों द्वारा छापे के दौरान बगदादी ने एक आत्मघाती बनियान में विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया था दो दिन के अंदर उसके उत्तराधिकारी अबू अल-हसन अल-मुहहाजी को भी मौत के घाट उतार दिया गया है। सबसे बड़े आतंकवादी की मृत्यु की घोषणा राष्ट्रपति ट्रम्प ने रविवार को एक राष्ट्रीय स्तर पर किये अपने प्रसारित सम्बोधन में की।
वॉशिंगटन पोस्ट की हेडलाइन के पहले संस्करण में बगदादी को “टेररिस्ट-इन-चीफ” कहा गया था, इससे पहले इसे “इस्लामिक स्टेट के शीर्ष पर बैठे मजहबी स्कॉलर” के रूप में बदल दिया गया था।
Hitler, champion of animal rights, father of every existing wingform, conceiver & builder of autobahns, patron of Porsche, inventor of Fanta, pioneer of exospheric rocketry, scholar of gaseous behaviour in confined spaces, expired today #WaPoDeathNotices https://t.co/aYUkLa3U0x
— Abhijit Iyer-Mitra (@Iyervval) October 28, 2019
पोस्ट को सोशल मीडिया पर गंभीर आलोचना का सामना करना पड़ा है, लेकिन कई लोगों ने हैशटैग #WaPoDeathNotices का उपयोग करके हेडलाइन पर मज़ाक उड़ाने का मौका नहीं गंवाया। लोगों ने अडोल्फ हिटलर से लेकर बैटमैन मूवी के जोकर किरदार तक मीम बनाकर वाशिंगटन पोस्ट की इस गलती पर उसकी खिल्ली उड़ाई।
बेशक वाशिंगटन पोस्ट लोकतंत्र की दुहाई देता हो, उसके किसी नास्तिक वामपंथी पत्रकार ने ही अपने अंदर छुपे जेहादी प्रेम को जगजाहिर करते हुए उसे टेररिस्ट आका नहीं बल्कि मज़हबी स्कॉलर करार दिया।
बात-बात पे हो-हल्ला करने वाली भारतीय मीडिया इस मुद्दे पर चुप है और उससे बोलने की भी उम्मीद नहीं की जा सकती। भारत में केवल 2 हिंदी न्यूज़ पोर्टल्स ने इस खबर को प्रकाशित किया है लेकिन डिकोड केवल हमारी वेबसाइट पर किया गया है। यह मामला हलके में नहीं लिया जा सकता, यह साफ़ तौर पर बताता है कैसे लेफ्ट-लिबरल के मुखौटे के पीछे जेहादी इस्लामवादी सोच और चेहरा है जो समाज को दोनों तरफ से खोकला कर उस पर राज करने का मंसूबा रखता है।

Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

