महाराष्ट्र में 50-50 में फंसा दांवपेच
महाराष्ट्र में ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग पर शिवसेना अड़ी हुई है। दांवपेच अभी भी 50-50 पर फंसा हुआ है। भाजपा-शिवसेना की ओर से मंगलवार को दिनभर बयानबाजी होती रही। महाराष्ट्र में पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने बयान जारी कर शिवसेना के 50-50 के फार्मूले के दावे को खारिज कर दिया। इसके बाद शिवसेना ने सरकार के गठन को लेकर शाम को भाजपा के साथ होने वाली बैठक रद्द कर दी।
देवेंद्र फडणवीस इससे ही इनकार कर रहे हैं कि दोनों दलों में ’50-50′ फॉर्म्युले जैसी कोई बात हुई है। इस पर शिवसेना ने पलटवार करते हुए कहा है कि चुनाव से पहले खुद फडणवीस ने इस फॉर्म्युले की बात कही थी। देवेंद्र फडणवीस ने जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री वही रहेंगे और अगले 5 सालों तक रहेंगे।
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विधानसभा नतीजे आने के पांच दिन बाद भी भाजपा-शिवसेना सरकार गठन पर सहमति बनाने में कामयाब नहीं हो सके हैं। शिवसेना लगातार भाजपा पर दबाब बनाए हुए है। जिसके कारण शुरुआत में चुप रही भाजपा भी अब खुलकर मैदान में आ गई है। वहीं रावत ने कहा कि 50-50 फार्मूले की बात अमित शाह के सामने हुई थी।

साथ ही देवेंद्र फडणवीस पर झूठ बोलने का आरोप भी लगाया। वही देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान ढाई-ढाई साल तक के लिए दोनों दलों के सीएम का प्रस्ताव रखा है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि उनके सामने इस पर कोई फैसला नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दोनों नेता चाहे तो इस पर फैसला ले सकते हैं। क्योंकि दोनों नेताओं को इस विषय में जानकारी है।
दरअसल इस बार विधानसभा चुनाव में पिछली बार की तुलना में भाजपा की 17 सीटें कम हो गई हैं वहीं शिवसेना को भी सात सीटों का नुकसान सहना पड़ा है। इसके बाद से शिवसेना भाजपा पर पदों के बंटवारे को लेकर गुटि्ठयाँ सुलझ नहीं पाई है।

