महाबलीपुरम की अनौपचारिक बैठक में सूरज सकते हैं भारत चीन के कई मुद्दे
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में कोई भी देश किसी भी देश का सदैव के लिए दुश्मन नहीं होता और कोई भी देश किसी भी देश का हमेशा के लिए दोस्त नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नज़दीकियां और दूरियां बनती बिगड़ती रहती हैं। अंतरराष्ट्रीय संबंध अक्सर लाभ के हिसाब से परिवर्तित और मजबूत होते रहते हैं। 11 अक्टूबर को महाबलीपुरम में होने वाली भारत और चीन के बीच दूसरी अनौपचारिक बैठक में भारत चीन के कई मुद्दे सुलझ सकते हैं। वर्तमान समय में दोनों देश कई तरह की आंतरिक और बाह्य समस्याओं से…
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