मानहानि केस में कोर्ट में राहुल गांधी की होगी 10 दिसंबर को पेशी
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के ऊपर मानहानि के कई केस चल रहे हैं। इसके अलावा वह नेशनल हेराल्ड केस में जमानत पर हैं। मगर लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अपने भाषण के दौरान एक ऐसा बयान दिया जो अब उनके गले की फांस बनता हुआ नजर आ रहा है। लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए अपने बयान के कारण उन्हें गुरुवार को सूरत की कोर्ट में पेशी के लिए पहुंचना पड़ा कोर्ट में राहुल गांधी से पूछा गया कि क्या वह अपना गुनाह कबूल करते हैं? मगर राहुल गांधी ने इनकार करते हुए अपना गुनाह कबूल नहीं किया। ऐसे में अब न्यायालय ने राहुल गांधी को पेश होने लिए नई तारीख दी है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अब 10 दिसंबर को पेशी में सूरत कोर्ट में दोबारा हाजिर होंगे।
भाजपा नेता के कारण कोर्ट में पहुंचे राहुल जी
दरअसल लोकसभा चुनाव के चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने 13 अप्रैल को एक रैली में भाषण देते हुए कहा था कि नरेंद्र मोदी ललित मोदी और नीरव मोदी का एक ही उपनाम मोदी कैसे हो सकता है? उन्होंने कहा था कि सभी चोरों का उपनाम मोदी कैसे हो सकता है? जिसके बाद सूरत के पश्चिमी क्षेत्र के विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। जिसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट बी एच कपाड़िया ने मई में समन जारी किया था। मानहानि के केस में आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंचे कोर्ट
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सूरत कोर्ट पहुंचे रास्ते भर कांग्रेस कार्यकर्ता उनके स्वागत में खड़े होकर स्वागत करते रहे। राहुल गांधी ने व्यक्तिगत पेशी से छूट की अर्जी भी दाखिल की। याचिकाकर्ता के वकील ने इसका विरोध किया। मगर अब राहुल गांधी को व्यक्तिगत पेशी से छूट मिल गई है केस की अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।
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