जदयू से बाहर होने के बाद अब इस पार्टी के लिए काम आएगी प्रशांत किशोर की रणनीति
प्रशांत किशोर चुनावी रणनीति बनाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने देश के कई राजनेताओं के लिए चुनावी रणनीति तैयार की है। 2014 के लोकसभा चुनाव में देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रणनीति बनाने का जिम्मा उन्होंने ही उठाया था और भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा चुनाव में भारी मात्रा में वोट मिले थे।
2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस पार्टी की चुनावी रूपरेखा तय करने का जिम्मा उठाया परंतु यह कदम उतना सफल नहीं रहा, जितना कि पहले अन्य चुनाव में रहा था। हाल ही में बिहार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने प्रशांत किशोर को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। जिसके बाद अब प्रशांत किशोर की रणनीति स्टालिन की डीएमके पार्टी के लिए काम आएगी।
2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में काम करेगी प्रशांत किशोर की रणनीति
दरअसल 2021 में तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने हैं। एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके पिछले एक दशक से तमिलनाडु में विपक्ष में बैठ रही है। ऐसे में 2021 में तमिलनाडु में दोबारा सत्ता में वापसी करने के लिए उसने प्रशांत किशोर की कंपनी इंडियन पोलिटिकल एक्शन कंपनी यानी कि आई पैक के साथ काम करने की घोषणा की है। डीएमके ने यह घोषणा आधिकारिक रूप से ट्विटर पर की हालांकि तमिलनाडु में पहले से ही आईपैक डीएमके के साथ काम कर रही है। मगर इसकी आधिकारिक घोषणा अभी की गई है।

जवाब देते हुए आईपैक ने भी ट्वीट करते हुए कहा कि वह भी डीएमके के साथ काम करने के लिए काफी उत्साहित हैं।
हाल ही में जदयू से बाहर किए गए हैं बाहर
बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के प्रमुख नितीश कुमार ने हाल ही में किशोर को अपनी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। दरअसल पिछले कुछ दिनों से दोनों के बीच काफी मतभेद देखने को मिल रहे थे। जिस कारण नीतीश कुमार ने बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें अपनी पार्टी से बाहर कर दिया। वर्तमान समय में आईपैक आम आदमी पार्टी के लिए दिल्ली के विधानसभा चुनाव में काम कर रही है।
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