नारायण दत्त तिवारीNews 

पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का हुआ निधन

राजनीतिक पखवाड़े के लिए आज का दिन काफी दुःखद रहा । दिग्गज कांग्रेसी नेता और और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का निधन हो गया । नारायण दत्त तिवारी लंबी बीमारी से ग्रसित थे ।  उनकी आयु लगभग 93 साल की थी ।  नारायण दत्त तिवारी आंध्र प्रदेश के गवर्नर भी रह चुके हैं ।

यह एक संयोग ही था कि नरेंद्र नारायण दत्त तिवारी 18 अक्टूबर 1925 को कुमाऊंनी के परिवार में पैदा हुए थे और 18 अक्टूबर 2018 को उनका उनका निधन दिल्ली के साकेत स्थित अस्पताल में हुआ । गौरतलब है कि नारायण दत्त तिवारी की तबीयत कुछ दिनों से बिगड़ती चली जा रही थी । डॉक्टरों ने बताया कि मैक्स अस्पताल की सुपर स्पेशलिटी में नारायण दत्त तिवारी को भर्ती कराया गया था । जहां पर उन्होंने लगभग 3:00 बजे अंतिम सांस ली । डॉक्टर ने बताया था कि उन्होंने उनको हाल ही में अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट में रेफेर किया गया था । नारायण दत्त तिवारी बुखार और निमोनिया से काफी लंबे समय से पीड़ित थे । दिल्ली की मैक्स अस्पताल में डॉक्टर की एक अनुभवी टीम लगातार उनकी तबियत पर नज़र रखकर देखभाल कर रही थी ।

नारायण दत्त तिवारी एक समय में प्रधानमंत्री पद के दावेदार भी माने जाते रहे हैं । गौरतलब है कि 1990 के दशक में प्रधानमंत्री के पद का दावेदार माना जा रहा था लेकिन उसी समय पीवी नरसिम्हा राव को प्रधानमंत्री के पद से सम्मानित किया गया । इसकी मुख्य वजह यह थी कि नारायण दत्त तिवारी लोकसभा चुनाव  कुछ अंतर के वोटों से हार गए थे । वह लगभग 800 वोटों से लोकसभा का चुनाव हार गए थे । इसके पश्चात वो लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी में रहे । वैचारिक मतभेद होने के कारण उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और एक नई पार्टी का गठन किया जिसे तिवारी कांग्रेस  के नाम से जाना जाता है ।  नारायण दत्त तिवारी की छवि हमेशा सर्वमान्य नेता की रही । वह  एक न्याय संगत , तर्कसंगत और व्यवहार कुशल नेता थे । इनका सम्मान केवल कांग्रेस पार्टी की नहीं बल्कि देश की समस्त पार्टियां करती हैं ।

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