कंदील बलोच हत्याकांड: भाई को उम्रकैद की सज़ा
कंदील बलोच, बेपरवाह, बेबाक और खुले विचारों वाली पाकिस्तानी लड़की. पाकिस्तान के मुल्तान में पैदा हुई कंदील का असल नाम फौज़िया था. उसके बाद नाम बदलकर कंदील बलोच रख लिया और इसी नाम से फेमस भी हुईं. कंदील को पाकिस्तान की ‘किम कर्दाशिया’ भी कहा जाता है. अपने इसी अंदाज़ की वजह से कंदील ने नाम कमाया, प्रशंसक कमाए और साथ ही अपने विरोधी भी बना बैठीं.
पाकिस्तानी सोशल मीडिया स्टार कंदील बलोच की 2016 में हत्या कर दी गयी थी. अब उनकी ह्त्या के मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनके भाई मोहम्मद वसीम को उम्रकैद की सजा सुनाई है.
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साथ ही अदालत ने उनके दूसरे भाई आरिफ़ को वांटेड करार दिया है. पर मामले के मुख्य अभियुक्त मुफ़्ती अब्दुल कवी और कंदील के दूसरे भाई असलम शाहीन व अन्य 4 अभियुक्तों को बरी कर दिया गया है. शुक्रवार को मुल्तान कोर्ट ने वसीम को धरा 311 के तहत ताउम्र कारावास की सजा सुनाई है.

अदालत के फैसले के बाद मुफ़्ती कवी ने एक इंटरव्यू में बताया कि, उनको न्याय मिलने की पूरी उम्मीद थी, और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था, कि फैसले में न्याय और इमानदारी बरती जाएगी. उन्होंने ये भी बताया कि एफआईआर में उनका नाम शामिल नहीं था.
दरअसल 16 जुलाई, 2016 को मिली ख़बर के अनुसार कंदील बलोच की हत्या कर दी गयी थी, और उनकी हत्या को उनके खुद के भाई ने ही अंजाम दिया था. गिरफ्तारी के बाद भाई वसीम ने क़ुबूल किया कि, उसने कंदील की गला दबाकर हत्या की थी. उसका कहना था कि, कंदील की वजह से उसके घर की बद्नाम्की हो रही थी. क्योंकि सोशल मीडिया पर कंदील के वीडियोस आते थे और उन्हें देखकर लोग उसे ताने मारते थे. कंदील की हत्या के बाद उनके पिता मुहम्मद अज़ीम बलोच ने ही अपने बेटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ कराई थी.


