पाकिस्तान टेररिस्तान और पाकिस्तानी पत्रकार का क़ुबूलनामा
पाकिस्तान और इमरान खान आज कल बेहद बुरे वक़्त से गुज़र रहे हैं. एक तो पाकिस्तान हर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कश्मीर मुद्दे को रखने की कोशिश कर चूका है, पर हर जगह से उसे निराशा ही हाथ लगी है. दूसरे कुछ दिनों पहले ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने ये भी स्वीकार किया है कि, उनके देश में क़रीब 30-40 हज़ार आतंकवादी मौजूद हैं. और साथ ही इस बात से भी इकरार किया कि पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अलकायदा और अन्य आतंकी गुटों को लड़ने की ट्रेनिंग दी है. इस वजह से पाकिस्तान की छवि एक आतंकियों को पनाह देने वाले देश की तरह बन कर आई है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफोर्म उसे कश्मीर के मुद्दे पर समर्थन नहीं दे रहे हैं.
दरअसल एक न्यूज़ चैनल पर एक लाइव शो के दौरान पाकिस्तानी पत्रकार मोना आलम एक पैनेलिस्ट के तौर पर शामिल हुई, इस बीच मोना से इमरान खान के इस क़बूलनामे के बारे में सवाल पूछा गया. मोना ने सीधे तौर पर इस बात पर पकिस्तान का बचाव करने की कोशिश की. भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने लाइव शो में पाकिस्तान को निशाने पर लेते हुए कहा कि, पाकिस्तानी विदेश मंत्री महमूद कुरैशी ने खुद इस बात को स्वीकार किया है, कि कोई देश उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हो रहा.
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इसके बाद कार्यक्रम में बतौर पैनेलिस्ट मौजूद संबित पात्रा ने पाकिस्तानी पत्रकार मोना आलम से पूछा, आपके देश में 30-40 हज़ार आतंकी हैं, ये किसने कहा?, मुजाहिद्दीन और अलकायदा को ट्रेनिंग पाकिस्तान आर्मी और खुफिया एजेंसी आईएसआई ने ही दी, ये बात किसने कही? आपके प्रधानमंत्री इमरान खान ने ही ना? इन सब बातों को कबूलते हुए पाकिस्तानी पत्रकार मोना आलम ने कहा कि, हमने इन सारी बातों से कब इनकार किया है, ये सारी बातें सच हैं.


