20 – 21 सितंबर तक जारी रहेगी विक्रम लैंडर से संपर्क साधने की कोशिश
7 सितंबर को chandrayaan-2 के आर्बिटर से अलग हुए विक्रम लैंडर के चंद्रमा की सतह से 2.1 किलोमीटर पहले संपर्क टूट जाने के बाद chandrayaan-2 पर और ऑर्बिटर विक्रम लैंडर की सही स्थिति का पता लगा दिया था। विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह पर लैंड होने वाली जगह से 500 मीटर की दूरी पर उल्टा पड़ा था। ऐसे में अब से लेकर लगातार इसरो विक्रम लैंडर से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है। मगर एक हफ्ते गुजर जाने के बाद भी अब तक इसमें कोई कामयाबी नहीं मिली है। ऐसे में अब लैंडर के साथ संपर्क साधने के लिए केवल एक ही हफ्ते बचे हैं। इसरो ने हाल ही में यह जानकारी दी है कि 20 – 21 सितंबर तक लैंडर के साथ संपर्क साधने की कोशिश जारी रहेगी। इस मुहिम में नासा ने भी हाथ बढ़ाकर सहयोग का आश्वासन दिया है।
20 – 21 सितंबर तक नासा की मदद से कोशिश रहेगी जारी

भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो बेंगलुरु के निकट स्थित अपने भारतीय डीप स्पेस नेटवर्क के जरिए विक्रम के साथ संपर्क साधने का प्रयास कर रही है। हाल ही में नासा के कुछ अधिकारियों ने इसरो का दौरा किया और वहां पर इसरो के अध्यक्ष के सिवान से मुलाकात की। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस दौरे का मकसद क्या था? सूत्रों के मुताबिक नासा ने भी अपनी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। नासा का जेट प्रोपल्शन लैबोरेट्री विक्रम को सिग्नल भेजने का प्रयास कर रही है। इसरो द्वारा भी विक्रम को लगातार सिग्नल भेजने का प्रयास जारी है।
1 हफ्ते का समय है शेष
विक्रम से संपर्क साधने के लिए केवल 1 हफ्ते का ही समय शेष है क्योंकि 20 – 21 सितंबर के बाद चंद्रमा के जिस दक्षिणी ध्रुव पर विक्रम लैंडर है। वहां पर सूरज की रोशनी नहीं पड़ेगी। ऐसे में वहां पर अंधेरा हो जाएगा। जिसके बाद संपर्क साधने में काफी कठिनाई हो सकती है।
देश की ताजा खबरों के लिए जुड़े हमारे साथ indiaalive.in पर।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



