भारत की कार्यवाही से डरा पाक
इंडियन आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत द्वारा जम्मू-कश्मीर में पुलिसकर्मियों की बर्बरतापूर्ण हत्याओं पर सख्त से सख्त कार्यवाही करने की बात पर जहाँ अपने बात को कहने पाकिस्तान अपमानजनक टिप्पणियों के प्रयोग कर रहा था उसी जगह अब पाकिस्तान शांति से मामले को सुलझाने की बात कर रहा है ।
ज्ञातव्य है कि बीएसएफ के जवान के शव के साथ बर्बरता होने के बाद जनरल रावत ने अपना बयान दिया। जनरल बिपिन रावत ने कहा कि हमें पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों के द्वारा की जा रही बर्बरतापूर्ण घटनाओं का बदला लेने के लिए सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अब वह समय आ गया है कि उन्हें उसी तरीके से इस पर जवाब दिया जाए।
जनरल रावत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान की सेना ने कहा कि वह ‘युद्ध के लिए तैयार’ है लेकिन उसने अपने लोगों के हित में शांति के रास्ते पर चलना पसंद किया है।
गौरतलब है कि दोनों देशों के सेनाओं के बीच गहमागहमी तब से शुरू हुई है जब से भारत ने इस महीने न्यू यॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर पाकिस्तान के साथ विदेश मंत्री स्तर की बातचीत को रद्द कर दी।
इसके पश्चात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बयान में किया । जिससे माहौल और गरम हो गया। इसके पश्चात भाजपा सरकार के मंत्री और कांग्रेस पार्टी के मंत्रियों ने इमरान खान के बयान को आड़े हाथों लिया और ट्विटर पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी ।
इमरान ने अपने ट्विटर एकाउंट पर लिखा था कि ‘शांति बहाली के लिए शांति वार्ता की शुरुआत की मेरी पहल पर भारत के अहंकारी और नकारात्मक जवाब से बेहद निराश हूं। हालांकि, मैं अपनी पूरी जिंदगी ऐसे छोटे लोगों से मिला हूं जो बड़े दफ्तरों पर ऊंचे ओहदे पर बैठे हैं, लेकिन उनके पास आगे तक देख सकने के लिए दूरदर्शी सोच का अभाव है।’
कांग्रेस ने कहा कि वह भारत सरकार और प्रधानमंत्री के बारे में अपशब्द को स्वीकार नहीं करेगी। पाकिस्तान आतंकवाद और आतंकवादियो को जन्म देने वाला देश है । पाकिस्तान आतंकियों के लिए स्वर्ग के समान है ।

