प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लागू होने की तिथि निश्चित
नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने एक साक्षात्कार में कहा कि प्रधानमंत्री जी की अति महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुरुआत देश के 27 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में होगी । इसके लिए निश्चित तिथि 25 सिंतबर घोषित की गई है । इसके लिए लगभग देशभर के पंद्रह हजार सरकारी एवं निजी अस्पतालों ने इस योजना से लाभान्वित होने की इच्छा जताई है ।
बी के पाल ने अपने साक्षात्कार में कहा कि इस योजना का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 23 सितंबर को ही किया जाएगा परंतु प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्म दिवस पर जो कि 25 सितंबर को है उस दिन से पूरे देशभर में लागू किया जाएगा ।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को इस योजना के लिए 2019 के अप्रैल माह तक लगभग 35, 100 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे जिससे कि यह योजना भारत देश में रहने वाले गरीब परिवारों को लाभान्वित करेगा । इस योजना के लिए लगभग 27 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश होने हस्ताक्षर कर लागू करने का निर्णय ले लिया है ।
उन्होंने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि हमें इस योजना के लिए भारत के अलग अलग राज्यों की लगभग 15000 अस्पतालों से आवेदन आए हैं जिसमें तकरीबन 8,000 आवेदन केवल निजी अस्पतालों से आए हुए हैं । राष्ट्रीय स्तर का कार्य होने से अभी इन अस्पतालों को इस योजना से जोड़ना एक कठिन कार्य है लेकिन केंद्र सरकार ने अस्पतालों को इस योजना से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है ।
उन्होंने इस योजना का लाभ लेने के लिए बताया कि लाभार्थियों को इस योजना का लाभ लेने के लिए एक पहचान पत्र की आवश्यकता पड़ेगी जिनसे उनकी पहचान एक भारतीय नागरिक के रूप में की जा सके । इसके लिए वह आधार कार्ड या फिर वोटर आईडी कार्ड संबंधित अधिकारियों को दिखा सकते हैं और इस योजना का लाभ ले सकते हैं । यह लाभ के केवल उन्हीं व्यक्तियों को मिलेगा जिन्हें सामाजिक-आर्थिक एवं जातीय जनगणना 2011 में जिन्हें गरीब माना गया है ।
इस योजना का प्रमुख उद्देश्य 10 करोड़ 74 लाख गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये सालाना का स्वास्थ्य बीमा दिया जाना है। दुनिया के इस सबसे बड़े हेल्थकेयर पकार्यक्रम का 60% खर्च केंद्र सरकार उठाएगी जबकि शेष 40% रकम का योगदान राज्यों को करना होगा।

