राहुल गाँधी ! पाकिस्तान मुद्दे पर …… आप लेट हो गए
राहुल गाँधी पाकिस्तान मुद्दे पर: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और अभी भी बॉस राउल विन्ची उर्फ़ राहुल गाँधी को पाकिस्तान मुद्दे पर न ही समझ रही है और न ही कभी किसी समझदार भारतीय नागरिक ने उनसे इस चीज़ की उम्मीद जताई है। फिर भी मियां राहुल अपनी आदत से मजबूर बस किसी सड़क चलते चाटुकार के कानाफूसी करने पर कह उठते हैं कि कश्मीर में सब कुछ ठीक नहीं है , लोगों पर जादतियाँ की जा रही है वह भी उन्होंने सुना है दूसरों से न कि वह खुद गए यह सब देखने।
कांग्रेस के पप्पू जी यानी राहुल गाँधी की पप्पू लीला तो यहाँ से शुरू हुई। पाकिस्तान ने तो उनके एक्सक्लूसिव बकवास बयान को अपने फ़र्ज़ी शिकायती लेटर बॉम्ब में डाल कर संयुक्त राष्ट्र को भेज दिया हालाँकि इसमें मनोहर लाल खट्टर के तोड़ -मोड़ कर पेश किये गए बयान को क्यों जोड़ा गया है यह समझ से परे है। इसके साथ पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी ने ट्विटर पर राहुल बाबा की पीट भी थपथपाई यह कहते हुए कि उन्हें अपने पर दादा मोतीलाल नेहरू की तरह ही सेक्युलर और लिबरल (असल में सिकुलर एवं लीब्रण्डू) होना चाहिए।
राहुल गाँधी पाकिस्तान मुद्दे पर कभी इधर कभी उधर , अरे भाई ! कहना क्या चाहते हो ?

यह तो कुछ भी नहीं है 2011 में हुए मुंबई आतंकी हमले पर राहुल बाबा ने अमेरिका के राजदूत को यह बताया था कि लश्कर-ए-तैयबा भारत के लिए कोई खतरा नहीं है। अब यह सब रागा के गुरु घंटाल दिग्गी राजा यानी दिग्विजय सिंह के कहने पर ही हुआ इसका सबूत माँगने वाले कांग्रेसी जान लें कि 26/11 आरएसएस की साज़िश नामक पुस्तक का विमोचन करने वाले राजनेता वही थे।
जैसे ही छोटा भीम कार्टून देखने और सस्ता माल फ़ूंखने के बाद राहुल गाँधी को जब होश आया तो उन्होंने खुद को सरकार का विरोधी किन्तु देश परास्त नेता साबित करने के चक्कर में कह डाला कि वह सरकार से कई मुद्दों पर मतभेद रखते है लेकिन वह इस बात को साफ़ कर देना चाहते हैं कि कश्मीर भारत का अंदरूनी मसला है और पाकिस्तान या किसी अन्य विदेश देश के इसमें टाँक -झाँक करने की गुंजाईश नहीं है।
इसके बाद क्या था ? पाकिस्तान ने भी पीट थपथपथाने की बजाये इस बाद पीट पर पिटाई करते हुए राहुल को बिन पेंदी के लोटे के माफिक एक कन्फ्यूज्ड नेता कहा जो कब क्या बोलते हैं समझ ही नहीं आता है। इसके बाद राहुल गाँधी ने भी पाकिस्तान से ब्रेक अप करते हुए कहा कि – “जम्मू-कश्मीर में हिंसा हुई है। हिंसा है क्योंकि यह पाकिस्तान द्वारा उकसाया और समर्थित है जिसे दुनिया भर में आतंकवाद का प्रमुख समर्थक माना जाता है।”
इसे राहुल गाँधी का एक बचकाना ड्रामा न कहे तो क्या कहे ? अब वो न देश के है न ही पडोसी दुश्मन के बस प्राइवेट प्रॉपर्टी में ही उनकी बेवकूफी की वाहवाही होती है जिसका कोई जवाब नहीं दिया जा सकता है और 2024 में कांग्रेस का भविष्य अभी से अँधकार में दिख रहा है।
राहुल गाँधी पर रहम भी खा ली जाए तो भी यह तो कहना ही पड़ेगा कि – “राहुल गाँधी ! पाकिस्तान मुद्दे पर …… आप लेट हो गए “

Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

