एड्स (AIDS) की दवाई से कैसे हो रहा कोरोनावायरस का इलाज?
2019ncov यानी वुहान वायरस जिसने दुनिया भर के लोगों में खौफ पैदा कर दिया है। ज्यादातर पशुओं में पाए जाने वाले इस वायरस ने इंसानों से इंसानों के बीच फैल कर चीन सहित दुनिया भर के कई अन्य देशों में खतरनाक तबाही मचाई है। हालांकि इसकी वैक्सीन के तौर पर एड्स (AIDS) की दवाइयों का सेवन किया जा रहा है । इसके साथ-साथ वायरस के और ना फैलने के लिए एंटीवायरल का उपयोग किया जा रहा है। आपको बता दें कि एंटीवायरल का उपयोग कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति के लिए ही किया जाता है।
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इस वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन के रूप में इनके कमजोर सैंपल लोगों के भीतर बचाव के लिए उपयोग किए जाएंगे। वैक्सीन हमारे शरीर को इस वायरस से संक्रमित होने से पहले ही स्ट्रांग बनाती है। साथ ही हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाने बढ़ाने का कार्य करती है। इस बारे से लड़ने के लिए वैक्सीन तो बना लिया गया है लेकिन इसे लोगों तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है। हांगकांग यूनिवर्सिटी के डॉ यूएन के मुताबिक इस वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन बनाने में सफलता पाई है लेकिन इसे जानवरों में टेस्ट करने में काफी समय लग सकता है।
न्यूयॉर्क पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीजिंग के अधिकारियों और चाइना नेशनल हेल्थ कमीशन ने कोरोना वायरस के इलाज में एड्स (AIDS) की दवा के इस्तेमाल की पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि एड्स के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 2 दवाईयों का इस्तेमाल कोरोनो वायरस के मरीजों के इलाज में भी किया जा रहा है।
वहीं भारत में केरल के सांसद द्वारा सदन में कोरोनावायरस का मुद्दा उठाया गया। इसके साथ ही उनके द्वारा पीड़ितों को के पास एक विशेष टीम भेजने की मांग की गई। आपको बता दें कि इस संक्रमण को भारत में आने से रोकने के लिए भारत ने सभी चीन से आने वाले यात्रियों का वीजा रद्द कर दिया है। एयर इंडिया ने शनिवार से दिल्ली से हांगकांग जाने वाली सभी उड़ानों को रद्द करने की घोषणा की।


