अदनान सामी को पद्मश्री दिए जाने पर स्वरा भास्कर ने दिया बड़ा बयान
अदनान सामी मूल रूप से पाकिस्तान के रहने वाले हैं। 2001 में वह भारतीय वीजा लेकर भारत में काम करने के लिए आए थे। मगर उसके बाद वह भारत में ही रहने लगे। कई बार उनको भारत की नागरिकता देने की मांग उठी थी। जिसके बाद 2015 में भारत सरकार ने उन्हें भारतीय नागरिकता दे दी। उन्होंने बॉलीवुड में अपनी गायकी से बड़ा योगदान दिया है। जिसकी वजह से सरकार ने उन्हें 2020 में पद्मश्री से सम्मानित किया। मगर अब यह विवाद का विषय बन गया है। पिछले कई दिनों से इस पर चर्चा चल रही है कि क्या मूल रूप से पाकिस्तानी व्यक्ति को इतना बड़ा सम्मान दिया जाना चाहिए। इस पर बॉलीवुड की अभिनेत्री और सरकार का विरोध करने वाली स्वरा भास्कर एक बड़ा बयान दिया है।
स्वरा भास्कर ने उठाया सवाल

बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर लगातार नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी की प्रक्रिया का विरोध करती आई हैं। उन्होंने अपना समर्थन शाहीनबाग से आंदोलनकारियों और जामिया के विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी दिया। अब उन्होंने अदनान सामी को पद्मश्री दिए जाने को उसी से जोड़ दिया है। उन्होंने एक रैली में कहा कि इस देश में शरणार्थियों को नागरिकता देने और घुसपैठियों को पकड़ने की प्रक्रिया पहले से मौजूद है। आप नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वालों को लाठी मारिए, चप्पल मारिए ,गालियां दीजिए, उन पर आंसू गैस के गोले छोड़िए और फिर आप एक पाकिस्तानी नागरिक को भारत का इतना बड़ा सम्मान दे रहे हैं।
इस कारण हो रहा है अदनान सामी को पद्मश्री दिए जाने का विरोध
दरअसल इस मशहूर गायक के पिता पाकिस्तान की वायु सेना में थे। भारत और पाकिस्तान के बीच जब 1965 का युद्ध हुआ था। उस समय सामी के पिता ने पाकिस्तान की तरफ से जंग लड़ी थी। उन्होंने भारतीय सेनाओं पर बम गिराए थे। इसी कारण अदनान सामी को पद्मश्री दिए जाने का विरोध किया जा रहा है। मगर यह बात गौर करने वाली है कि जो विपक्षी पार्टियां वर्तमान समय में इसका विरोध कर रही हैं सत्ता में रहने पर उन्होंने भी यही रुख पुरस्कार दिए जाने के पक्ष में था।
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