गोवा में सहयोगी दल ने भाजपा का साथ छोड़ने की दी धमकी, सियासी संकट बरकरार
गोवा में भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दल महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी ने अपने तीन विधायकों के साथ सरकार छोड़ने की धमकी दी है। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के विधायक भाजपा का दामन छोड़ कर कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर नई सरकार का गठन कर सकते हैं। जिससे गोवा में सियासी संकट उत्पन्न हो गया है। महाराष्ट्रावादी गोमांतक पार्टी ने आरोप लगाया है कि उसके विरोधी द्वारा उसके खिलाफ साजिश की जा रही है।
40 विधानसभा सीटों वाली गोवा में सहयोगी दल महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के तीन विधायक हैं।पार्टी के वरिष्ठ नेता और मार्केम से विधायक सुदीन धवलीकर मौजूदा सरकार में उप मुख्यमंत्री के पद पर हैं। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के अध्यक्ष दीपक धवलीकर ने आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी के महासचिव लावू ममलतदार ने राज्यपाल और विधानसभा स्पीकर को एक पत्र लिखकर खुद को सभी विधाई मामलों का अधिकारी घोषित कर लिया है।
बहुत बड़ी साजिश का आरोप लगाते हुए दीपक धवलीकर ने कहा कि सरकार के भविष्य पर आखिरी फैसला बुधवार को केंद्रीय समिति की बैठक के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह राज्य की सबसे पुरानी क्षेत्रीय पार्टी है मगर उन्हीं की पार्टी का एक वर्ग उनकी इस प्रगति का विरोध कर रहा है। कुछ समय पहले ममलतदार ने राज्यपाल और विधान सभा स्पीकर को पत्र लिखकर यह बताया था कि महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के सभी फैसले लेने और बातचीत करने के लिए वह एकमात्र अधिकारी हैं। जिसके बाद पार्टी ने उन्हें दल से बाहर कर दिया और कहा कि अपने विधायकों को परेशान करने पर वह कड़े फैसले लेने से नहीं हिचकेंगे और वह सरकार का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं।
हाल ही में मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद प्रमोद सावंत गोवा के नए मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने विधान सभा में अपना बहुमत सिद्ध किया था। 40 विधानसभा सीटों वाली गोवा विधानसभा में इस समय दो विधायकों के इस्तीफे और 2 विधायकों की मृत्यु के बाद विधानसभा सीटों की संख्या घटकर 36 रह गई है। ऐसे में भाजपा के पास 20 विधायकों का समर्थन है। अगर महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी अपना समर्थन वापस ले लेती है तो सरकार गिर सकती है। यह भारतीय जनता पार्टी के लिए संकट की बात होगी।
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