अमेरिका में सिख पुलिस अफसर को दी गई 21 बंदूकों की सलामी
अमेरिका में भारत से गए हुए सिख धर्म के लोगों का काफी प्रभाव है। भारतीय मूल के सिख अमेरिका के लगभग हर व्यवसाय में शामिल हैं। अमेरिका के अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में उनका एक अहम योगदान रहता है। यही कारण है कि भारतीय मूल के सिख लोगों की अमेरिका में काफी इज्जत की जाती है। हाल ही में अमेरिका के ह्यूस्टन में तैनात एक सिख पुलिस अफसर की मृत्यु हो गई। जिसके बाद उनके अंत्येष्टि के अवसर पर भारतीय मूल के लोग सिख धर्म के लोग और अमेरिकी पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा।
सिख धर्म के अमेरिकी पुलिस अधिकारी संदीप सिंह धालीवाल हैरिस काउंटी के पहले सिख शेरिफ थे। वह ह्यूस्टन में काफी लोकप्रिय थे।
दी गई 21 बंदूकों की सलामी
42 वर्षीय सिख पुरुष संदीप सिंह धालीवाल अमेरिका के पश्चिमोत्तर ह्ययूस्टन में तैनात थे। इसके पहले भी वह चर्चाओं में आ चुके थे। इसका कारण यह था कि पुलिस विभाग में कार्यरत होने के बावजूद उन्हें पगड़ी पहनने और दाढ़ी रखने की इजाजत दी गई थी। जिसके कारण वह पहले ही चर्चा में रह चुके थे। ह्यूस्टन के अंदर लगभग 10,000 सिख समुदाय के लोग रहते हैं। कुछ दिनों पहले ही जब वह पश्चिमोत्तर ह्यूस्टन में नियमित ट्रैफिक चेकिंग कर रहे थे तो किसी हमलावर ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। जिसके बाद उनकी अंत्येष्टि में सिख समुदाय सहित अमेरिकी पुलिस अधिकारी भी शामिल हुए। उनका शरीर अमेरिकी झंडे में लपेटा गया और उन्हें अमेरिकी पुलिस अधिकारियों द्वारा 21 बंदूकों की सलामी दी गई।
पत्नी ने सीने से लगाया अमेरिकी ध्वज
धालीवाल के मृत शरीर को अमेरिकी झंडे में लपेटने के बाद जब उसे उनके घर वालों को सौंपा गया तो उनकी पत्नी ने अमेरिकी ध्वज को अपने सीने से लगा लिया अब अमेरिका में सिख समुदाय के लोग लंगर का आयोजन करने जा रहे हैं इसके लिए सभी को गुरुद्वारे में आमंत्रित किया गया है।
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