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विजय दिवस विशेष: भारत ने दी पाकिस्तान को विश्व की सबसे बड़ी शिकस्त

बांग्लादेश बनने से पहले इसे पूर्वी पाकिस्तान कहा जाता था। तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने इस्लामिक चरमपंथियों की मदद से बंगाली जनता पर अनेकों अत्याचार किए। पाकिस्तानी सेना तत्‍कालीन पूर्वी पाकिस्‍तान में गैर-मुस्लिम आबादी को चुन-चुन कर निशाना बना रही थी। आम लोगों और बांग्लादेश मुक्ति वाहिनी के कार्यकर्ताओं को खोजने और मरने के लिए पाकिस्तानी सेना ने 25 मार्च 1971 को ऑपरेशन सर्च लाइट शुरू किया। बाद में बांग्लादेश सरकार के अनुसार इस दौरान करीब 30 लाख लोग मारे गए थे। इसके बाद 1971 के दिसंबर महीने…

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कविता शायरी 

समय

ऐ समय! तू ही बता, तुझे दोस्त मानूँ या बला। तेरे संग में चलना ही भला, तेरे रंग में रंगना है कला। गुरु मान तुझको पूजता हूँ, समय की परीक्षा जीतता हूँ। जब काम हो ना कोई भला, तब मान लूँ तुझको बला। चल चलें कुछ कर दिखायें, उन लोगों को कुछ तो सिखायें। बेठें हैं जो यूँ ही खाली, क्यों वो अपना समय गवांयें। समय की देख महत्वता को, बाजी कोई खेल जाएं। बजा दे डंका जीत का, और वक़्त से कदम मिलायें। करलें समय को मुठ्ठी में, की…

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कविता शायरी 

ना बदल सका तू सोच को मानव

बदल रहा है तू सब कुछ मानव, ना बदल सका तू सोच को अपनी। आधुनिकता के युग में भी, तू बात करे है जाति-धर्म की।   इस विकसित होती दुनिया में, मान लूं कैसे विकसित तुझको। जहां रंग-भेद की शान है, और कला रंग बदनाम है।   इस क्षण-क्षण बढते पल में मानव, ढांचा ही बदल दिया है तूने। अफ़सोस है कि ना बदल सका तू, दहेज प्रथा का अभद्र सौदा।   बदलाव की तेरी सीढ़ी में, गांव का कोना कोना रौशन। पर रौशन हुआ ना सपना उसका, जो सोच…

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चलो आज फिर से शुरू करते है

जो अधूरा रह गया उसे पूरा करते है चलो आज फिर से शुरू करते है वो जो बचपन में देखा था ख्वाब देखो अब तक अधूरा है चलो आज उसे पूरा करते है चलो आज फिर से शुरू करते है सुना है बहुत कुछ रूठ गया है हमसे चलो आज कुछ रूठी लकीरो को मनाते है,छूठते हुए हाथो को थामते है, टूटते हुए रिश्तो को जोड़ते है चलो आज फिर से शुरू करते है कब से राह देख रहे है रास्ते चलो आज नयी राहो पे निकलते है डर कि…

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कविता शायरी 

माँ

काश तुझे ही जीता होता, छोड़ के सारी दुनिया दारी। अफसोस मुझे न इतना होता, माँ तू तो थी सबसे प्यारी।   देखा होता काश वो बचपन, जब देख मुझे तू मुस्काई थी। भूल गयी थी दर्द तू सारे, जब गोद में तेरी मैं आयी थी।   काश जानती मैं हर वो बातें, जो तुमने मुझसे छुपाईं थीं। मुझे भेजकर स्कूल अकेले, तुम भी तो घबराईं थीं।   बचपन की छोटी दुनिया में, तू तो थी संसार मेरा माँ। बड़ी हुई तो बदल गयी मैं, और बदल गया संसार मेरा…

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9 Beautiful Verses Piyush Mishra that will Fall You in Love with Shayari.

Have you loved someone? Then the following verses Piyush Mishra prove to be heart melting for you. Piyush Mishra is a well-known writer. He is a power pack of all the talent in one, whether it is writing, singing or acting, he is just perfect in every role. Piyush Mishra was a featured artist @Coke Studio. Not only for his writing, he contains a huge fan following for his acting and singing. As a famous writer said “if a writer falls in love with you, you can never die” and…

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कविता शायरी 

ऐ मुसाफिर! बन लहर

चल शुरू कर ये डगर, ऐ मुसाफिर! बन लहर।   चलना ही जिसका काम हो, थकना ना जिसका नाम हो।   कठिनाइयों का कहर होगा, आँधियों का पहर होगा।   तू संकटों को पार करना, प्रचंड वेग को धार करना।   राहों की चट्टान तोड़ दे, ज़िन्दगी की राह मोड़ दे।   क्यूँ तू इतना सोचता है, कौन तुझको रोकता है।   रंगों से भरले, दुनिया तू अपनी। अम्बर की ओढ़, नीली सी चादर।   हासिल तुझे हर लक्ष्य होगा, व्यर्थ ना कोई कर्म होगा।   हर प्रातः तेरी जीत…

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कविता शायरी 

पर बचपना नही देखा है!!

रोज सवेरे उठकर, उसे काम पे जाते देखा है। नन्हे से कन्धों पर, उसे बोझ ले जाते देखा है।   जिंदगी की भाग–दौड़ में, उसके रोज ही गिरते देखा है। उन नन्हा से कदमों को, नंगे पाँव ही चलते देखा है।   छोटी-छोटी बातों पे, दिल खोलकर हँसना देखा है। उस प्यारी सी मुस्कान में, कुछ दर्द छुपाते देखा है।   उस छोटी सी उमर में, परिपक्वता को देखा है। भूखे पेट सोकर, उसे अपनी बदनसीबी से लड़ते देखा है।   आज ग़रीबों की नगरी में जा, ज़िन्दगी के दूसरे…

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कविता शायरी 

ऐ ज़िन्दगी! क्या खूब है तू

ऐ ज़िन्दगी ! क्या खूब है तू, खिलाड़ी मैं और खेल है तू।   खेल इतना खौफ है तेरा , अंत जिसका मौत है मेरा। अब खेल ऐसा खेलना है, हार कर भी जीतना है।   इस खेल का भी क्या दस्तूर है, ना नियम , बस फितूर है। जिसमें मंज़िल तो सबकी एक है, पर रास्ते अनेक हैं।   बहुत दूर चला गया हूँ, तेरे खेल खेलते–खेलते, की अब बस थक गया हूँ, तेरे ज़ख़्म झेलते–झेलत।   रूठ गयें हैं बहुत से अपने, छूट गयें हैं बहुत से सपने। पर ये समय है…

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शायरी 

जब  छुती है तुम्हारी नजर हमे  || शायरी 

जब  छुती है तुमहारी नज़र  हमे                              तो जी  करता है यही रूक  जए  ए  लमहा              ए  एहसास  है  एसा  की  दिल  भी  न  जाने  फिर  भी दिल  इस  एहसास मे खो  जाता  है   रूक  जए  ए  लमहा जी लेने दे मुझे इस लमहे  को खो जाने दे इस पल  मे जहा सिरफ  धडखनो  की आहट हो   दूर  होकर  भी  पास हो याद नहीं  एहसास  हो तारे  नहीं  आसान…

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