अरुण जेटली जी हम सबके बीच नहीं रहे !
अरुण जेटली जी नहीं रहे ! आज नई दिल्ली से सबसे बुरी खबर सामने आई जिसकी उम्मीद किसी को भी नहीं थी, भारत के सबसे बड़े दक्षिणपंथी बौद्धिक नेता अरुण जेटली अब हमारे बीच नहीं रहे। काफी समय से सर्कोर्मा टिश्यू कैंसर से लड़ते-लड़ते अरूण जी ने आज 12:07 एम्स में अंतिम साँस ली। देश के आम जनमानस और उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा के शीर्ष नृतत्व से लेकर कार्यकर्ता पर वज्र उठ पड़ा हो। 67 की उम्र में उन्होंने सबसे बिना मिले ही दुनिया को अलविदा कह दिया।
अरुण जेटली जी : एक ऐसी हस्ती जिनको वर्णित करने के लिए शब्द कम पड़ जाए

पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह को हैदराबाद दौरा बीच में छोड़ कर ही वापिस दिल्ली आना और पीएम मोदी दुःख को छुपाये ही यूनाइटेड अरब एमिरात में शीर्ष नागरिक सम्मान लेने के मौजूद रहे लेकिन उन्होंने भावनाओ को व्यक्त कर साफ़ तौर पर कहा कि मैंने अपना निजी दोस्त आज खो दिया , उनके ऊपर टूटे इस दुःख के बादल को समझा नहीं जा सकता।
अरुण जेटली जी का परिवार आज शोक सम्पत है और वास्तव में उनके लिए यह स्वीकार कर पाना असंभव सा है। गृह मंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक आज ईस्ट ऑफ़ कैलाश में स्तिथ उनके आवास पर आज उनके पार्थिव शरीर को रखा गया है और कल बलगम घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा जिसके बाद उनका शरीर हमेशा-हमेशा के लिए पंचतत्व में विहलीं हो जायेगा।
एक छात्र नेता , आंदोलनकारी , प्रखर वक्ता , मेंटर ,रणनीतिकार , टेक्नोक्रैट , कुशल मंत्री , क्रिकेट अडमिंस्ट्रेटर , सदन में विपक्ष-पक्ष के नेता , यारों के यार और अपनी मंद मुस्कान, भारी बुद्धिमाक्ता और मृदु भाषी किन्तु गंभीर स्वभावी अरुण जेटली एक सम्पूर्ण स्तम्भ है जिन्होंने खेल ,राजनीति , विधि ,समाज और देश के अनगिनत विधाओं में अपनी सेवा देने वाले अरुण जेटली एक ऐसी बहुमुखी हस्ती थे जैसा कभी कोई हो ही नहीं सकता !

Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy


