पूर्वोत्तर में जनजीवन हुआ पहले की तरह सामान्य
पूर्वोत्तर में जनजीवन पहले की तरह सामान्य हो गया है। विशेष तौर पर असम में सामान्य होते हालात के मद्देनजर राज्य सरकार ने कर्फ्यू हटाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। वर्तमान समय में राज्य में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाओं को बहाल कर दिया गया है। राज्य के वित्त मंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने ने कहा कि हाल ही में हुई हिंसा की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। आपको बता दें कि फिलहाल पूर्वोत्तर में जनजीवन सामान्य है।
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असम के डीजीपी भास्कर ज्योति महंत ने कहा कि स्थिति अब सामान्य है, “राज्य में कहीं भी किसी प्रकार की कोई हिंसा दिखाई नहीं पड़ी है”। वही देश में हो रही हिंसक घटनाओं को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित राज्यों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केंद्र सरकार ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से नागरिकों की संपत्ति और सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाने के के लिए कहा है। इसके साथ यह भी कहा कि झूठी खबर और अफवाह फैलाने वाले दोषियों की निगरानी हो तथा उनके साथ सख्ती से निपटा जाए।

गृह मंत्रालय ने राज्यों से अपेक्षित कदम उठाने को कहा है जिससे शांति व्यवस्था कायम रखी जा सके। आपको बता दें कि संसद से नागरिकता संशोधन विधेयक पास होने के बाद देश के कई हिस्सों से हिंसक खबरें दर्ज की गई हैं। जिसके बाद केंद्रीय मंत्रालय की ओर से इन दिशा निर्देशों को जारी किया गया है। हिंसक घटनाओं के सिलसिले में असम में अब तक 85 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं प्रदर्शन के दौरान 5 लोगों की मौत भी हो गई है। गुवाहाटी में लगातार तीन दिन कर्फ्यू में ढील देने के बाद लोग जरूरी कामकाज के लिए बाहर निकले। वहीं, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि राज्य के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए वह समर्पित हैं।

