वीर विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को मिलेगा वीर चक्र
14 फरवरी को पाकिस्तान की मदद से पुलवामा में आतंकियों ने हमारे केंद्रीय सुरक्षा बल के सीआरपीएफ जवानों की एक बस पर हमला किया था। जिसमें सीआरपीएफ जवानों की एक बस के परखच्चे उड़ गए थे। जिससे हमारे 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। जिसका बदला लेते हुए भारतीय वायुसेना ने 27 फरवरी को पाकिस्तान के अंदर घुसकर बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी। भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में पाकिस्तान द्वारा संचालित कई आतंकी कैंप तबाह कर दिए थे। जिसमें बहुत भारी संख्या में आतंकवादी मारे गए थे। इस वायु सेना के ऑपरेशन के हिस्से के रूप में वीर विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान भी अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने भारतीय विमान मिग-21 से पाकिस्तान के विमान एफ-16 को मार गिराया था। जिसके बाद अब युद्ध काल में असाधारण वीरता दिखाने के लिए उनको वीर चक्र देने की घोषणा की गई है।
युद्ध काल में असाधारण वीरता के लिए मिलेगा वीर चक्र
जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर एयर स्ट्राइक की थी तो उस समय भारत ने युद्ध की घोषणा नहीं की थी। मगर उस समय हालात युद्ध वाले ही थे। इसी वजह से वीर विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को वीर चक्र देने की घोषणा की गई है। दरअसल वीर चक्र युद्ध काल में दिया जाने वाला एक भारतीय सेना सेवा मेडल है। युद्ध काल में दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार परमवीर चक्र है। वही उसके बाद युद्ध काल में दिए जाने वाले दूसरे पुरस्कार के रूप में महावीर चक्र को जाना जाता है। वीर चक्र तीसरे स्थान पर आता है।
शांति काल में दिए जाते हैं यह मेडल
यदि हम शांति काल में दिए जाने वाले पुरस्कारों की बात करें तो भारतीय सेना की तरफ से अदम शौर्य वीरता और बहादुरी दिखाने के लिए शांति काल में दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार अशोक चक्र होता है। अशोक चक्र के बाद दूसरे नंबर पर कीर्ति चक्र और फिर तीसरे नंबर पर शौर्य चक्र की बारी आती है।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



