बिहार में बाइकर्स ने की पूर्व आईपीएस अधिकारी की बीच सड़क पर पिटाई
आईपीएस देश का एक सर्वोच्च और प्रतिष्ठित पद माना जाता है। हर वर्ष लाखों छात्र अपने देश सेवा की निष्ठा को एक रूप देने के लिए इस पद पर आने का प्रयास करते हैं। मगर क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक आम आदमी तो दूर यदि देश के आईपीएस के साथ मारपीट की घटना हो तो आपको कैसा महसूस होगा? ऐसी ही कुछ घटना बिहार के रामकृष्ण नगर थाने के जगनपुर इलाका में हुई। जब एक पूर्व आईपीएस अधिकारी को सरेआम बाइकर्स ने रोड पर पीट दिया। जिससे डीआईजी रैंक के वह अधिकारी जिनका नाम अजय वर्मा है, घायल हो गए। जिसके बाद बिहार में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। हमेशा की तरह राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करके अपने दायित्वों से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
बिहार में चढ़ गया है सियासी पारा
डीआईजी रैंक के पूर्व अधिकारी के साथ हुई इस तरह की घटना ने बिहार में सियासी पारी को चढ़ा दिया है। विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए बिहार में कानून राज के खत्म होने का आरोप लगाया। आरजेडी के भाई वीरेंद्र सिंह ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में पूरी तरह जंगलराज हो गया है। वहीं कांग्रेस पार्टी के राजेश राठौर ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यदि एक पुलिस विभाग में काम करने वाला पूर्व अधिकारी ही सुरक्षित नहीं रहता है तो बिहार की सरकार आम जनता की सुरक्षा कैसे करेगी। इसके साथ ही पूर्व आईपीएस अधिकारी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई तरह के प्रश्न खड़े हो गए हैं। हालांकि अजय वर्मा ने बताया कि उन्होंने समय पर ही ट्रैफिक एसपी और एसएसपी को सूचना दे दी थी मगर पुलिस देर से पहुंची।
1985 बैच के आईपीएस हैं अजय वर्मा
बाइकर्स बदमाशों द्वारा जिस तरह सरेआम एक भारतीय पुलिस सेवा में सेवा देने वाले अधिकारी की पिटाई की है। उससे जाहिर तौर पर अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न खड़े हो जाते हैं। अजय वर्मा 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं पिछले साल ही उन्होंने अपनी इच्छा से रिटायरमेंट ले लिया था।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



