मुर्गीपालन से गांव को समृद्ध बना रही गरीब महिलायें
गांवों में महिलाओं को अक्सर चौका- चूल्हा तक सीमित कर दिया जाता है। चौगाईं की महिलाएं इस धारणा को तोड़ रही हैं। उन्होंने स्वरोजगार के लिए सामूहिक प्रयत्न की मिसाल पेश की है। दर्जनों महिलाएं समूह में कुक्कुट पालन कर गरीबी को पीछे धकेल परिवार की जिंदगी संवार रहीं हैं। चौगाईं महादलित टोले के ज्यादातर लोग मजदूरी में लगे थे। किसी तरह दो जून की रोटी का जुगाड़ होता था। मजदूरी कर परिवार चलाने वालों के सामने कई बार भूखमरी की नौबत आ जाती थी। एक कमाने वाले और परिवार…
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