पत्थर तराशने का कामNews politics 

राम मंदिर के लिए पत्थर तराशने का काम संघ व विहिप द्वारा रोका गया

5 सितंबर से लगातार 40 दिनों तक चली सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई के बाद देश की सर्वोच्च न्यायालय ने 17 अक्टूबर को इस पर अपना निर्णय करके निर्णय को सुरक्षित रख लिया है। 17 अक्टूबर के बाद आने वाले 23 दिनों में कभी भी यह निर्णय सुनाया जा सकता है। ऐसे में देशभर में सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया विभाग सक्रिय होकर देश के माहौल की खबर ले रहा है।

देश की सुरक्षा एजेंसियों को पर यह जिम्मेदारी है कि देश के किसी भी हिस्से में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के बाद दंगा ना भड़कने पाए। इसका एक और संकेत अयोध्या में देखने को मिला, जब संघ और विश्व हिंदू परिषद द्वारा 23 सालों से चले आ रहे पत्थर तराशने का काम रोक दिया गया 23 सालों में पहली बार ऐसा हुआ है जब भव्य मंदिर निर्माण के लिए पत्थर का तराशे जाने का काम रोका गया।

पहले कभी नहीं बंद हुआ था पत्थर तराशने का काम

आरएसएस

1990 में जब भूमि पूजन करने के बाद पूजा कर मूर्तियां रखी गईं। उसके बाद अयोध्या में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा पत्थर तराशने के लिए दो कार्यशाला खोली गई। 1992 में बाबरी मस्जिद के गिराने के बाद राजस्थान में तीन और कार्यशाला खोली गई। 1992 के बाद जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर 6 महीने का प्रतिबंध लगा दिया गया था। उस समय भी अयोध्या की कार्यशाला में पत्थर आते रहे और यहां पर तराशे जाते रहे। इतना ही नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी या बहुजन समाज पार्टी किसी की भी सरकार रही हो मगर पत्थर तराशने का काम कभी भी रुका नहीं। मगर इस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अलावा विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी और बजरंग दल के लोग भी शांत बैठे हुए हैं।

फैसले का स्वागत होना चाहिए : अयोध्या जिलाधिकारी

अयोध्या के जिलाधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अयोध्या में वर्तमान समय में धारा 144 लागू है। जहां तक पत्थरों को तराशने की बात है तो सरकार ने कभी इसकी अनुमति नहीं दी थी ना ही इस को रोके जाने के आदेश पारित किए गए हैं।

देश की ताजा खबरों के लिए जुड़े हमारे indiaalive.in साथ
Summary
राम मंदिर के लिए पत्थर तराशने का काम संघ व विहिप द्वारा रोका गया
Article Name
राम मंदिर के लिए पत्थर तराशने का काम संघ व विहिप द्वारा रोका गया
Description
1992 में बाबरी ढांचा गिराए जाने के बाद से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा पत्थर तराशने का काम शुरू किया गया था जो कि पहली बार रोक दिया गया है।
Author
Publisher Name
India Alive
Publisher Logo

Related posts

Leave a Comment