जो अनहोनी को होनी कर दे उसका नाम है महेंद्र सिंह धोनी
महेंद्र सिंह धोनी एक ऐसा नाम है जिससे पूरा विश्व परिचित होगा। उसके दिमाग का लोहा पूरी दुनिया मानती है। क्रिकेट जगत में धोनी ने अपनी एक अलग ही जगह बनाई है। धोनी क्रिकेट के केवल एक खिलाड़ी नहीं बल्कि कुछ लोगों के लिए धोनी का मतलब ही क्रिकेट खेल है। भारत सौभाग्यशाली है जिसे सचिन तेंदुलकर के बाद महेंद्र सिंह धोनी जैसा एक ऐसा खिलाड़ी मिला जो कि अनहोनी को भी होनी में बदल सकता है। दुनिया का हर क्रिकेट खिलाड़ी उनके सम्मान में झुकता है और उनकी काबिलियत की तारीफ करता है। आज 7 जुलाई को धोनी का जन्मदिन है ऐसे में हम आज भारत के क्रिकेट की सूरत बदल देने वाले इस खिलाड़ी के बारे में कुछ विशेष तथ्य आपको बताएंगे।
अनहोनी को होनी में बदलने वाला खिलाड़ी
रांची की गुमनाम गलियों से निकलकर भारतीय टीम में शामिल हुआ यह नायाब सितारा आज पूरी दुनिया में मशहूर है। रेलवे टिकट कलेक्टर की नौकरी करते वक्त किसे यह पता था कि उसकी दुनिया यहां नहीं है। धोनी के टैलेंट का विरोध उनके घर पर भी हुआ। पिताजी क्रिकेट खेलने का हमेशा विरोध करते रहे। मगर उस व्यक्ति ने कभी अपनी नाकामयाबीयों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। जब वह रांची की गुमनाम गलियों में गगनचुंबी छक्के लगाया करता था तो किसी को यह अंदाजा नहीं था कि 1 दिन यह व्यक्ति भारतीय क्रिकेट का कप्तान बनेगा। भारत का एक सफल विकेटकीपर सफल बल्लेबाज और सफल कप्तान के रूप में जाना जाएगा। जब महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट में शामिल हुए तो क्रिकेट की सूरत ही बदल गई। भारत को एक ऐसा विकेटकीपर बल्लेबाज मिला जो कि किसी भी क्रम में बल्लेबाजी कर सकता था और जिसने भारतीय क्रिकेट को एक अलग स्तर पर पहुंचा दिया।
धोनी नहीं होगा तो कैसा रहेगा भारतीय क्रिकेट
कुछ लोगों के लिए धोनी भले ही एक नाम हो मगर बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके लिए क्रिकेट का मतलब ही धोनी है। हो सकता है विश्व कप के आखिरी एक या दो मैच खेलने के बाद या व्यक्ति क्रिकेट से अलविदा कह ले मगर भारतीय क्रिकेट को दुनिया में पहचान दिलाने वाला यह पूर्व भारतीय कप्तान करोड़ों लोगों की आंखों को नम करके क्रिकेट की दुनिया को अलविदा कह सकता है। आज भले ही महेंद्र सिंह धोनी भारत के कप्तान ना हों मगर टीम में खेल रहे सभी खिलाड़ियों ने अपना कप्तान मानते हैं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



