अब जम्मू और कश्मीर के क्षेत्रों में भी बढ़ेंगे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाएं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी कि आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है। भारत में आर एस एस की काफी पैठ मानी जाती है। राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी आरएसएस का ही एक राजनीतिक हिस्सा माना जाता है। आर एस एस देश के राष्ट्रवादी मुद्दों को अक्सर सरकार के सामने रखा करता है। जम्मू कश्मीर देश का एक ऐसा राज्य है जहां पर काफी देश विरोधी गतिविधियां देखने को मिलती हैं। वहां पर स्थानीय लोग आतंकवाद का समर्थन करते हुए भी दिखाई पड़ते हैं। ऐसे में अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जम्मू और कश्मीर के क्षेत्रों में अपनी शाखाओं को बढ़ाने के लिए नए सिरे से प्रयास करने की बात कही है।
दक्षिणी कश्मीर में स्थापित की जाएंगी शाखाएं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने खुद को अखिल भारतीय स्तर पर मजबूत करने के लिए जम्मू और कश्मीर के दक्षिणी भाग में नई शाखाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह वह स्थान है जहां पर अभी तक आरएसएस की कोई भी शाखा स्थापित नहीं की गई है। जम्मू कश्मीर में आने वाले विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए जमीन तैयार करने का भी यह एक प्रयास हो सकता है। जम्मू कश्मीर के अलावा दक्षिण के राज्यों केरल तमिलनाडु और कर्नाटक में भी अब आरएसएस अपनी शाखाओं को स्थापित करेगा ताकि जो राज्य हिंदी नहीं बोलते वहां पर भी संघ की बातों और विचारों को पहुंचाया जा सके।
मुस्लिम क्षेत्रों में भी बढ़ाएगा अपनी पहुंच
वर्तमान समय में झांसी में चल रही संघ की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब संघ मुस्लिम क्षेत्रों में भी अपनी पहुंच को बढ़ाएगा। संघ ने यह कहा है कि जम्मू कश्मीर के जिन क्षेत्रों में हिंदू आबादी कम है। उन क्षेत्रों में भी संघ अपनी शाखाएं स्थापित कर लोगों को शिक्षित करेगा क्योंकि यह मुद्दा हिंदुत्व का नहीं बल्कि राष्ट्रवाद का है। संघ अभी से लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भारतीय जनता पार्टी के लिए जमीन तैयार करने के प्रयास में लग गया है।

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