सैनिको पर पत्थर बरसाएं, लेकिन फिर भी वह चुप रहे
इसमें कोई शक नहीं कि हमारे देश के सैनिक हमारे देश का गर्व है। जो दिन रात सरहद पर आम लोगो की सुरक्षा के लिए सरहद पर तैनात रहते है। मगर जब यही आम जनता सैनिको पर पत्थर बरसाएं तो हमारे देश के सैनिक फिर क्या करे। जी हां आपने अक्सर देखा होगा कि जब हमारे देश की जनता बहुत ज्यादा आक्रोश में होती है, तब वह अपना गुस्सा देश के सैनिको पर निकालती है। वही दूसरी तरफ हमारे देश के सैनिक जो अपनी वर्दी का और कानून का गलत फायदा नहीं उठा सकते, वह केवल पत्थर खाते रहते है। हालांकि सैनिक बड़ी विनम्रता से जनता को समझाने की कोशिश जरूर करते है, लेकिन फिर भी जनता केवल पत्थर बरसाती रहती है।

सैनिको पर पत्थर बरसाएं..
अब ऐसे में अगर हमारे देश के सैनिक भी जनता को उन्ही की तरह पत्थर का जवाब पत्थर से देंगे तो भला आम लोगो और देश के जवानो में क्या फर्क रहा जाएगा। शायद यही वजह है कि हमारे देश के सैनिको को एक आम इंसान होते हुए भी जनता की मार झेलनी पड़ती है। अब यूँ तो हमारे देश का संविधान हर किसी को बराबर का अधिकार देता है। मगर इस मामले में अगर हमारे सैनिको को बराबरी का अधिकार मिल जाएँ तो यक़ीनन आगे से कोई भी आम नागरिक देश के जवानो पर पत्थर तो क्या, ऊँगली भी उठाने की कोशिश नहीं करेगा। वैसे आप खुद ही सोचिए कि अगर किसी दूसरे देश के सैनिको के साथ आम जनता द्वारा ऐसा व्यव्हार किया जाता, तो क्या वहां का कानून कुछ नहीं करता।
मगर अफ़सोस कि हमारे देश का कानून तो आंखे मूंद कर बैठा है और सैनिको के साथ हो रहा यह अत्याचार चुपचाप देख रहा है। ऐसे में हम तो आम जनता से केवल यही कहेंगे कि जिन सैनिको पर आप पत्थरो की मार मारते है, ये वही सैनिक है, जो सरहद पर जा कर आपकी सुरक्षा के लिए गोली खाते है। इसलिए अगर हो सके तो इन पर पत्थर बरसाने की बजाय इनकी इज्जत करना सीखे और इनके ओहदे का जरा ध्यान रखे। वैसे भी अगर आप बार बार इनकी ख़ामोशी को इनकी कमजोरी समझते रहेंगे, तो एक न एक दिन यही पत्थरबाजी आपको भारी जरूर पड़ेगी।
इसलिए आपने अब तक जो सैनिको पर पत्थर बरसाएं है, उसके लिए आपको थोड़ा सा शर्मिंदा तो जरूर होना चाहिए।
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hello everyone, my name is Rajni Goyal. i am a writer but on the other side i love music. to be very frank i also even don’t know what i want to do in my life. लेकिन अगर अपनी भाषा मैं कहूं तो…. भटकती हुई मुसाफिर हूँ, मंजिल की तलाश है, जहाँ मंजिल दिख जाएँ वही लिखा हमारी किस्मत का असली आगाज है।




Jahna tak mera sochna he un pather mrne valo puchna chiye ki tum ye sab ku kr rhe aur kiske khna pr ye sab kr rhe ho iska hl apne ap nikl jyega